एक्सप्लोरर
अंधाधुंध हो रही जंगलों की कटाई और अवैध खनन, क्या इसी वजह से साल-दर-साल बिगड़ता जा रहा मौसम?
बादलों का फटना हो या पहाड़ का टूटना, ये सब इसलिए भी हो रहा है क्योंकि इंसान ने प्रकृति की सीमाओं का बार बार अतिक्रमण किया है. पूरे हिमालय क्षेत्र में 2008 से 2018 के बीच यानी दस सालों में चार हजार 732 दशमलव 71 वर्ग किलोमीटर जंगल खत्म हो चुका है. बात जम्मू कश्मीर की करें तो वहां 410 वर्ग किलोमीटर जंगल उजड़ चुका है. हिमाचल प्रदेश में पहाड़ का अतिक्रमण करने वाले 33 हाइड्रो प्रोजेक्ट चल रहे हैं. तो उत्तराखंड में ऐसे 40 हाइड्रो प्रोजेक्ट चल रहे हैं.
न्यूज़
Mumbai Crime: मीरा रोड हमला: कलमा पढ़ने को कहा, फिर चाकू से वार | ATS | Mira Road Crime
Maharashtra: धिरेंद्र शास्त्री को कंट्रोवर्सी पसंद है
Bollywood News: तीन दिग्गज आए साथ… ‘Kalki 2’ बनेगी इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म? | Khabar Filmy Hain
West Bengal Election: क्या PM Modi की रणनीति से Mamata की नींद उड़ी? | ABP News
Saas Bahu Aur Saazish: Aarambhi का इम्तिहान! अस्पताल में घायलों की सेवा और बेटे के accident का सदमा | DR. Aarambhi
और देखें
टॉप हेडलाइंस
विश्व
न्यूज़
इंडिया
चुनाव 2026




























