राम मंदिर तैयार...मस्जिद को अभी भी इंतजार?
हर बार की तरह इस बार भी 6 दिसंबर की तारीख आते ही हर तरफ बाबरी का शोर सुनाई देने लगा। 6 दिसंबर 1992 यानि वो तारीख जब...उस बात को 32 साल होने को आए लेकिन असदुद्दीन ओवैसी जैसे मुस्लिम नेता किसी भी हाल में 32 साल पहले के उस अध्याय को भूलने नहीं देना चाहते। वो डंके की चोट पर कहते हैं कि आने वाली पीढ़ियों को भी इस बात के साथ बड़ा करेंगे कि बाबरी मस्जिद के साथ जो हुआ वो गलत हुआ। और इस बार 6 दिसंबर की तारीख में सिर्फ अयोध्या वाली बाबरी याद नहीं की जा रही है बल्कि यूपी के संभल की बाबरी चर्चा में आ चुकी है। और अब ओवैसी नारा दे रहे हैं कि एक बाबरी खो दी दूसरी नहीं खोने देंगे। तो भारत की बात में आज मेरे साथ देखिए बाबरी रिटर्न्स!उस बात को 32 साल होने को आए लेकिन असदुद्दीन ओवैसी जैसे मुस्लिम नेता किसी भी हाल में 32 साल पहले के उस अध्याय को भूलने नहीं देना चाहते। वो डंके की चोट पर कहते हैं कि आने वाली पीढ़ियों को भी इस बात के साथ बड़ा करेंगे कि बाबरी मस्जिद के साथ जो हुआ वो गलत हुआ। और इस बार 6 दिसंबर की तारीख में सिर्फ अयोध्या वाली बाबरी याद नहीं की जा रही है बल्कि यूपी के संभल की बाबरी चर्चा में आ चुकी है। और अब ओवैसी नारा दे रहे हैं कि एक बाबरी खो दी दूसरी नहीं खोने देंगे। तो भारत की बात में आज मेरे साथ देखिए बाबरी रिटर्न्स!



























