16 दिसंबर को याद कर रोता है पाकिस्तान.. वजह जान हिंदुस्तानियों का सीना गर्व से होगा चौड़ा
आज 16 दिसंबर है..ये दिन पाकिस्तान की तारीख में सबसे स्याह दिन है.. क्योंकि आज ही के दिन पाकिस्तान की युद्ध में शर्मनाक शिकस्त हुई थी.. 1971 में भारत से हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने कहा था- कि चाहे हमें घास की रोटियां खानी पड़े, लेकिन हम एटम बम बनाकर ही दम लेंगे..भुट्टो की कही इस बात को 52 साल हो चुके हैं.. लेकिन पाकिस्तान के हुक्मरानों की जंगी बीमारी खत्म नहीं हुई है..पाकिस्तान के केयर टेकर प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने भारत से तीन सौ जंग लड़ने की गीदड़ भभकी दी है.. सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान की इतनी हैसियत है..जो मुल्क दाने-दाने को मोहताज है.. उस मुल्क के हुक्मरानों की जंगी बीमारी क्यों खत्म नहीं हुई है.. पाकिस्तान के इतिहास, भूगोल और भविष्य को सामने रखती ये सुपर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट देखिए।




























