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फीस बढ़ने से JNU के गरीब छात्रों के पढ़ाई छोड़ने की आई नौबत, उन्हीं से सुनिए उनका दर्द
जेएनयू में पढ़ने वाले मणिकांत पटेल बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले है. पिता विजय कुमार सिंह किसान है. घर मे अकेले कमाने वाले. सालाना इनकम है करीब 1 लाख रुपये. मणिकांत ने सपनें देखे थे की अफसर बनेंगे. मेधावी छात्र से इसलिए एंट्रेंस के बाद जेएनयू जैसी यूनिवर्सिटी में एडमिशन हो गया. एमए जियोग्राफी कर रहे है मणिकांत. लेकिन अब शायद मणिकांत को पढ़ाई ही छोड़नी पड़ेगी. क्योंकि प्रशासन होस्टल मेन्यू मे फीस इतनी बढ़ा दी है की ये उसे दे ही नही सकते. मणिकांत का कहना था की पहले होस्टल, मेस और दूसरे खर्चे इन्हें करीब 2800 से 3000 के पड़ते थे. जिसमे इन्हें 2000 रुपये स्कॉलर शिप के भी मिल जाते थे. लेकिन अब होस्टल और दूसरे खर्चे फीस बढ़ने के बाद इन्हें 8000 से 9000 रुपये तक पड़ेंगे. मतलब हर महीने करीब 5000 रुपये ज्यादा का खर्च.
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