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हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, परिवार ने हाथ पीछे खींचे तो मुस्लिम युवकों ने शव पहुंचाया श्मशान घाट
कहते हैं मानवता का कोई धर्म नहीं होता...जरूरत पड़ने पर जो काम आ जाए वहीं मिसाल बनाता है. मध्यप्रदेश में सागर के रामनपुरा वार्ड में हिंदु समाज के उल्लास हार्दिकर की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई. परिवार में पत्नी, बेटा और बहु के अलावा कोई साथ नहीं था. ऐसे में जब शव को अंतिम संस्कार के लिए श्माशान घाट ले जाने तक की बात आई तो कोरोना के संक्रमण के डर से हिंदु समाज के पड़ोसी और रिश्तेदारों ने हाथ पीछे कर लिए. तब सामने आए कब्रिस्तान कमेटी के कुछ मुस्लिम युवक, जिन्होंने बगैर किसी भेद भाव के पूरी सतर्कता के साथ शव को श्मशान घाट तक पहुंचाया.
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