Congress ने 2022 में की 2006 वाली गलती ? जगदीश ठाकोर का बयान संयोग या प्रयोग ?
आप सोचिए कि इसी साल केरल हाईकोर्ट ने कहा कि पीएफआई जैसे चरमपंथी संगठन पर पाबंदी क्यों नहीं लगती है। जिस संगठन को हाईकोर्ट चरमपंथी कह रहा हो, जिसपे पाबंदी लगाने की बात कर रहा हो, कोई उस संगठन का बचाव कैसे कर सकता है। लेकिन शायद वोट बैंक की राजनीति में पीएफआई भी कुछ लोगों को आतंकी नहीं बल्कि सामाजिक संगठन लगता है। वैसे वोट बैंक की एक नई राजनीति गुजरात में शुरु हो गई है....गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने 16 साल पुराने विवाद को फिर से जन्म दे दिया है....उन्होंने मनमोहन सिंह की बात दोहराते हुए कहा है कि देश के संसाधनों पर अल्पसंख्यकों का पहला हक है...क्या इस बयान से कांग्रेस गुजरात जीतने का सपना देख रही है...देखिए हमारी खास रिपोर्ट





























