कांग्रेस में रहते तो CM नहीं बन पाते हिमंता विस्वा सरमा, ममता भी रह चुकी हैं पुरानी कांग्रेसी| Uncut
हिमंता विस्वा सरमा ने 10 मई को असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. सर्वानंद सोनोवाल की बजाय बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और विधायकों ने हिमंता पर भरोसा जताया और वो मुख्यमंत्री बन गए. हालांकि हिमंता 15 साल तक कांग्रेस में रहे थे, लेकिन तरुण गोगोई से बगावत और राहुल गांधी की उपेक्षा ने उन्हें कांग्रेस छोड़ने को मज़बूर कर दिया. ऐसा ही हाल ममता बनर्जी का भी रहा था. वो भी खांटी कांग्रेसी थीं, लेकिन सोनिया गांधी और सीताराम केसरी की उपेक्षा की वजह से उन्हें कांग्रेस छोड़नी पड़ी थी. पुडुचेरी में एन रंगास्वामी के साथ भी यही हुआ था. वो भी कांग्रेस में थे. मुख्यमंत्री भी थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें इस्तीफा देने को मज़बूर कर दिया था. उन्होंने भी पार्टी छो़ड़ी और अपनी पार्टी बनाकर पुडुचेरी के सीएम बने. जगन रेड्डी के साथ भी ऐसा ही हुआ था. पांच राज्यों में से तीन राज्यों में अभी जो सीएम बने हैं, वो कभी कांग्रेसी हुआ करते थे. उनके कांग्रेस में रहने की कहानी और कांग्रेस से अलग होकर राज्य का मुख्यमंत्री बनने की कहानी बता रहे हैं अविनाश राय.

























