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Joshimath: धंसते शहर की वजह से छिना घर, अब जो ठिकाने मिलने थे वो भी नहीं मिल रहे
जोशीमठ संभवत: 2023 की जनवरी की सबसे बड़ी ख़बर रही. धंसते शहर के बाशिदों को अपना घर कारोबार सब छोड़ना पड़ा. बसे बसाए शहर के लोगों की हालत ये है कि वो अब ना तो घर के रहे ना घाट के. ऐसी लोकोक्ति का इस्तेमाल इंसानों के लिए बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन जिनका अपना घर उजड़ा उन्हें टेंपररी घर भी नहीं मिल पा रहा तो और क्या ही कहा जाएगा. क्या है पूरा मामला बताते हैं आपको इस स्टोरी में. लेकिन सबसे पहले ऐसी ही स्टोरीज़ के लिए आप अनकट को फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टा पर फॉलो और सब्सक्राइब ज़रूर कर लीजिएगा.
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