Emergency के दौरान दिल्ली में संजय गाँधी ने चलवाया था बुलडोज़र, चली गई थी इंदिरा गाँधी की कुर्सी
फिलवक्त देश के अलग-अलग राज्यों में एक मशीन सत्ता का नया प्रतीक बनकर उभर गई है. इस मशीन का नाम है बुलडोजर, जिसके जरिए सत्ता की हनक को बनाए रखने की पुरजोर कोशिश हो रही है. वो बात चाहे उत्तर प्रदेश की हो, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर बाबा का खिताब दे दिया गया है, या बात मध्यप्रदेश की हो, जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान को बुलडोजर मामा का खिताब दे दिया गया है. या फिर बात गुजरात और दिल्ली की हो, अब पुलिस और प्रशासन के बुलंद इकबाल की कहानी बयां करने के लिए बुलडोजर ही प्रतीक बन गया है. अभी ये बुलडोजर दिल्ली की जहांगीरपुरी में चला है...लेकिन यही वो बुलडोजर है, जो आज के करीब 45 साल पहले दिल्ली की ही कुछ बस्तियों पर चला था तो उसके बाद हुए चुनाव में प्रधानमंत्री तक अपना चुनाव हार गई थीं. देखिए अविनाश राय की ये रिपोर्ट.

























