Fact Check: क्या गैस नहीं मिलने के सवाल पर पीएम मोदी ने साधी चुप्पी? फेक है वायरल वीडियो
PM Modi Fake Video: जब वीडियो चेक किया गया तो यह पीएम मोदी के हालिया दौरे का निकला, जो उन्होंने केरल के थ्रिसरूर का किया था. वहां उन्होंने रोड शो के साथ जनसभा को भी संबोधित किया था.

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग वजह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत की खबरें लगातार जोर पकड़ रही हैं. इसे लेकर विरोधी पार्टियां लगातार केंद्र सरकार को निशाने पर ले रही हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो गया, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी. इस वीडियो में पीएम मोदी के सामने गैस की किल्लत का मसला उठाने का जिक्र है, जिसकी वजह से वीडियो सुर्खियों में छा चुका है. आइए जानते हैं कि इस वायरल वीडियो की क्या है सच्चाई?
क्या है वायरल वीडियो में?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो राउरकेला का बताया जा रहा है, जिसमें पीएम मोदी को रैली करते दिखाया गया है. वह इस वीडियो हाथ हिलाकर जनता को संबोधित करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में एक युवक की आवाज सुनाई देती है, जिसमें वह 'गैस नहीं मिल रहा है अंकल. गैस नहीं मिल रहा है सर. गैस नहीं मिल रहा है. क्या करेंगे हम लोग?' कह रहा है. एबीपी ने इस वीडियो की पड़ताल की तो अलग ही हकीकत सामने आई.
कैसे फर्जी निकला यह वीडियो?
सबसे पहली बात यह है कि यह वीडियो राउरकेला का दिखाया गया है, जहां पीएम मोदी रैली कर रहे हैं. गूगल रिवर्स इमेज में जब इस वीडियो का स्क्रीनशॉट चेक किया गया तो यह पीएम मोदी के हालिया दौरे का निकला. दरअसल, पीएम मोदी ने हाल ही में केरल के थ्रिसरूर का दौरा किया था. वहां उन्होंने रोड शो के साथ जनसभा को भी संबोधित किया था. इसके अलावा आंकड़ों पर गौर करें तो पीएम मोदी ने 1 अप्रैल 2015 में राउरकेला का दौरा किया था. उस दौरान उन्होंने वहां स्टील प्लांट का उद्धाटन किया था.
2015 में नहीं था एलपीजी संकट
गौर करने वाली बात यह है कि एलपीजी सप्लाई में कमी 28 फरवरी 2026 के बाद शुरू हुई, जब ईरान पर अमेरिका-इजरायल ने हमले किए. इस वॉर की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से शिप को गुजरने में दिक्कत होने लगी, जिसकी वजह से सप्लाई में रुकावट आ गई. इसका नुकसान एशिया के कई देशों को उठाना पड़ रहा है. पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में हालात बेहद खराब होने के दावे किए जा रहे हैं. वहीं, इसे देखते हुए भारत में सिर्फ घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी का वक्त बढ़ाया गया है.
इस पॉइंट से भी फर्जी साबित हुआ वीडियो
वीडियो में कोई भी युवक सामने से नजर नहीं आ रहा है. उसकी सिर्फ आवाज सुनाई दे रही है. अगर युवक की आवाज पर गौर करें तो वह काफी तेज है, जबकि रोड शो का शोर काफी धीमा आ रहा है. इसके अलावा आवाज पर लोग रिएक्ट नहीं कर रहे हैं. इससे संकेत मिलता है कि पीएम मोदी का वीडियो किसी दूसरी जगह का है और उसे एडिट करके आवाज अलग से डाली गई है.
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Source: IOCL



























