राम मंदिर मामला: विष्णु दास महाराज का केजरीवाल पर हमला, 'क्या आप सुप्रीम कोर्ट हैं जो फांसी...'
Ayodhya Ram Mandir Donation Row: विष्णु दास महाराज ने अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए कहा कि आप कौन होते हैं यह कहने वाले कि किसे फांसी होनी चाहिए? आप लोग तो रामविरोधी रहे हैं.

अयोध्या के विष्णु दास महाराज ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बयान पर नाराजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि क्या केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट हैं जो आरोपियों को फांसी देने की बात कर रहे हैं? रामलला के मंदिर में चोरी करने वाले लोगों को भगवान खुद सजा देंगे. उन्होंने केजरीवाल को राम विरोधी भी बताया.
विष्णु दास महाराज ने कहा, ''केजरीवाल कह रहे हैं कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. इस पर मैं कहना चाहता हूं कि क्या केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट हैं? क्या वे जज हैं? क्या वे स्वयं न्यायालय में बैठे हैं? इस तरह की बातें करना उचित नहीं है. परमात्मा ने सबको जीवन दिया है ताकि लोग अच्छा जीवन जीएं.''
'आप कौन होते हैं कहने वाले कि किसे फांसी होनी चाहिए'
उन्होंने आगे कहा, ''केजरीवाल कहते हैं कि ऐसे आरोपियों को फांसी होनी चाहिए. मैं कहता हूं कि जिसने भगवान राम का धन चुराया है, उसे भगवान खुद दंड देंगे और सुप्रीम कोर्ट भी अपना फैसला सुनाएगा. लेकिन आप कौन होते हैं यह कहने वाले कि किसे फांसी होनी चाहिए? आप लोग तो रामविरोधी रहे हैं. आपने कभी राम के बारे में नहीं सोचा. आज केवल गंदी राजनीति करने के लिए यह सब कर रहे हैं. केजरीवाल, चाहे आप सुंदरकांड का पाठ कराएं या फिर अखंड पाठ, यदि आपकी नीयत राजनीति की है तो उससे कुछ होने वाला नहीं है.
राम के प्रति आस्था दिखाना सिर्फ राजनीति- विष्णु दास महाराज
विष्णु दास महाराज ने कहा, ''आपका दोहरा चरित्र है. कभी अपने आपको रामभक्त बताते हैं और कभी अलग रूप में दिखाई देते हैं. अगर आप वास्तव में राम के साथ चलते, चाहे केजरीवाल हों, राहुल गांधी हों या समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, तो स्थिति अलग होती. यदि अखिलेश यादव राम मंदिर के मुद्दे पर चलते, तो आज भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हो सकते थे लेकिन उन्होंने राम मंदिर के बजाय बाबरी मस्जिद के मुद्दे को प्राथमिकता दी. आज राम के प्रति आस्था दिखाना केवल राजनीति है. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए.''
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा- विष्णु दास महाराज
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का जिक्र करते हुए विष्णु दास महाराज ने कहा, ''आज सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुनवाई हो रही है. इस मामले की चर्चा देश-विदेश तक हो रही है. इससे कहीं न कहीं अयोध्या, प्रभु श्रीराम, रामभक्तों और सनातन परंपरा की छवि प्रभावित हुई है. इसलिए हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सही फैसला देगा. सभी साधु-संतों को सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है. न्यायालय जो भी निर्णय देगा, वह स्वीकार होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. यदि आवश्यक हुआ तो अदालत सीबीआई जांच का भी आदेश दे सकती है.
'जितने भी विपक्षी हैं, वे औरंगजेब और बाबर से प्रेम करने वाले रहे'
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे द्वारा विपक्ष को औरंगजेब का वंशज बताए जाने पर विष्णु दास महाराज ने कहा, ''बिल्कुल सही बात है और मैं उनके बयान का समर्थन करता हूं. जितने भी विपक्षी हैं, वे औरंगजेब और बाबर से प्रेम करने वाले रहे हैं. उन्हें राम से प्रेम नहीं था और न ही सनातन में आस्था थी. सनातन धर्म के खिलाफ बोलने वाले लोग आज अपने आपको रामभक्त और सनातनी बताते हैं. ऐसे लोग सनातन और रामभक्तों के विरोधी हैं.''
विपक्ष समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा- विष्णु दास महाराज
उन्होंने आगे कहा, ''राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सभी, चाहे आरएसएस हो, मोहन भागवत हों या महंत सत्येंद्र दास जी चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को बार-बार केवल राजनीतिक दृष्टि से उठाता है. उनका उद्देश्य आस्था नहीं, बल्कि राजनीति करना है. वे भाजपा को घेरने और समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं.
विष्णु दास महाराज ने ये भी कहा कि रामदेव ने जो कहा है, उसका हम सभी साधु-संत समर्थन करते हैं. उनका मानना है कि समाज को सनातन संस्कृति और परंपराओं के अनुसार चलना चाहिए. आज लोग फैशन और दिखावे में उलझ रहे हैं, जबकि सनातन के मूल्यों के अनुरूप जीवन जीना अधिक महत्वपूर्ण है. सनातन के खिलाफ नहीं जाना चाहिए.
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