उत्तराखंड में बच्चों की मौत के बाद विंडलास बायोटेक पर कार्रवाई, कोडीन युक्त कफ सिरप की सप्लाई पर रोक
Uttarakhand News: उत्तराखंड में औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार को विंडलास बायोटेक परिसर में उत्पादन और गुणवत्ता से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की. जांच में कोडीन युक्त कफ सिरप में गड़बड़ी पाई गई.

देश के विभिन्न राज्यों में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामलों के बाद उत्तराखंड में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. इसी क्रम में विभाग ने दवा निर्माता कंपनियों और मेडिकल स्टोरों पर सघन जांच अभियान शुरू किया हुआ है. इस अभियान के तहत देहरादून के मोहब्बेवाला स्थित विंडलास बायोटेक में औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है.
औषधि प्रशासन की टीम ने उत्पादन और गुणवत्ता से जुड़े दस्तावेजों की जांच
औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार (10 फरवरी) को विंडलास बायोटेक परिसर में पहुंचकर उत्पादन, भंडारण और गुणवत्ता से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की. निरीक्षण के दौरान टीम ने कंपनी द्वारा निर्मित कोडीन युक्त कफ सिरप सहित अन्य दवाओं के नमूने भी परखे. जांच में कोडीन युक्त कफ सिरप में मानकों के अनुरूप न होने की गड़बड़ी पाई गई, जिसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने इस सिरप की आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी.
अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला दवा की गुणवत्ता और नियमों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ माना जा रहा है. इसी के चलते संबंधित औषधि के अनुमोदन को भी अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया गया है. विभाग का कहना है कि जब तक पूरी जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती और सभी मानक पूरे नहीं किए जाते, तब तक इस दवा के निर्माण और वितरण की अनुमति नहीं दी जाएगी.
उत्तराखंड में दवा कंपनियों और मेडिकल स्टोरों पर लगातार हो रही छापेमारी
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की जान से जुड़े मामलों को किसी भी हालत में हल्के में नहीं लिया जा सकता. हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कफ सिरप से हुई मौतों ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को झकझोर कर रख दिया है. इसी कारण उत्तराखंड में भी दवा कंपनियों और मेडिकल स्टोरों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.
विभागीय सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में कई मेडिकल स्टोरों और दवा निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. कहीं लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तो कहीं नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है. विंडलास बायोटेक के खिलाफ की गई कार्रवाई भी इसी सख्त अभियान का हिस्सा है.
आम जनता से अपील, बिना चिकित्सकीय परामर्श के कफ सिरप ना लें
अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों को सतर्क रहने और नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं. आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या नियम उल्लंघन को समय रहते रोका जा सके. विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के कफ सिरप या अन्य दवाओं का उपयोग न करें और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना तुरंत प्रशासन को दें.























