UP News: वाराणसी में हिंदूवादी संगठन ने जगह-जगह लगाए पोस्टर, क्रिसमस की आड़ में धर्मांतरण करने वालों को दी चेतावनी
Varanasi News: जहां एक तरफ पूरे देश में क्रिसमस को लेकर तैयारियां जोरों पर है, वहीं वाराणसी में इसे लेकर पोस्टरवॉर शुरू हो गया है.

Varanasi Christmas Celebration News: पूरे देश में क्रिसमस को लेकर तैयारियां जोरों पर है. देश के अलग-अलग जगहों पर लोग इसे मनाने के लिए तैयारी में जुटे हैं. ऐसे में वाराणसी में क्रिसमस के पहले माहौल गरमा गया है. यहां हिंदू संगठनों ने क्रिसमस को लेकर चेतावनी दी. यहां हिंदूवादी संगठनों ने पोस्टरवॉर शुरू किया. यहां मंदिरों के बाहर चेतावनी पोस्टर लगाए गए हैं. यहां हिंदु संगठनों ने भगवान को सेंटाक्लाज ना बनाने की अपील की. साथ क्रिसमस की आड़ में धर्मांतरण करने वालों को चेतावनी दी गई. राष्ट्रीय हिंदू दल के कार्यकर्ता रोशन पांडे ने ये सारी बातें बताई. साथ ही उन्होंने कहा कि ये पोस्टर हिंदू दल की ओर से लगाए गए हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनात गैर कानूनी और दबाव डालकर कराए गए धर्मांतरण को लेकर काफी सख्त हैं. इसे रोकने के लिए योगी सरकार पहले अध्यादेश लेकर आई थी. इसे बाद में कानून का रूप दिया गया. इस कानून के तहत सबसे अधिक मामले अबतक बरेली जिले में दर्ज हुए हैं
धर्मांतरण के दोषी के लिए क्या है सजा
उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण कानून के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को अपराध की गंभीरता के आधार पर 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है. इसके अलावा उसपर 15 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं अंतर-धार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों को शादी करने से दो महीने पहले जिला मजिस्ट्रेट को अपनी शादी को लेकर सूचना देनी पड़ती है.
वहीं इस कानून के तहत अनुसूचित जाति- अनुसूचित जनजाति समुदाय के नाबालिगों और महिलाओं के धर्मांतरण पर तीन से 10 साल की सजा का प्रावधान है, जबकि जबरन सामूहिक धर्मांतरण के लिए जेल की सजा तीन से 10 साल और जुर्माना 50 हजार रुपये का है. कानून के मुताबिक अगर विवाह का एकमात्र उद्देश्य महिला का धर्म परिवर्तन कराना था, तो ऐसी शादियों को अवैध करार दिया जाएगा. प्रदेश में दिव्यांग बच्चों के धर्मांतरण कराने वाले रैकेट का खुलासा भी हुआ है.
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