यूपी: देश में 30 करोड़ कामगार सड़कों पर, सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन
UP News: देशभर में 30 करोड़ कर्मचारी, किसान और मजदूर सरकार की नीतियों के विरोध में सड़कों पर उतरे. ट्रेड यूनियन एक्ट संशोधन और पांच दिवसीय बैंकिंग लागू न होने पर राष्ट्रीय हड़ताल का आदेश दिया.

देश में सामान्य जनता के साथ-साथ कर्मचारी वर्ग सरकार की नीतियों से लगातार परेशान है. हालात ऐसे हैं कि सुधार की कोई ठोस उम्मीद नजर नहीं आ रही है. इसी नाराजगी के चलते आज देश भर में करीब 30 करोड़ कामगार, किसान, मजदूर और सरकारी कर्मचारी सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं और व्यापक आंदोलन कर रहे हैं.
आंदोलन कर रहे संगठनों का कहना है कि हाल ही में संसद में ट्रेड यूनियन एक्ट में किए गए संशोधन के जरिए सरकार यूनियनों की गतिविधियों पर सीधा अंकुश लगाना चाहती है. कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है. सरकार की यह तानाशाही नीति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इन्हीं नीतियों के विरोध में आज (13 फरवरी) पूरे देश में एकजुट होकर प्रदर्शन किया जा रहा है.
बैंकिंग क्षेत्र में बुलाई गई एक दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल
इसी आंदोलन के तहत बैंकिंग क्षेत्र में भी एक दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल बुलाई गई है. बैंक कर्मचारी आज इंडियन बैंक सहित अन्य बैंकों के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं. बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांग पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लागू करने की है. कर्मचारियों का कहना है कि जब सरकार के अन्य विभागों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू हो चुका है. IBA (इंडियन बैंक्स एसोसिएशन) भी इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर सरकार को भेज चुका है, तो फिर बैंकों में इसे लागू करने में सरकार क्यों अड़चन डाल रही है.
सरकार जानबूझकर रोककर बैठी है ऐसे फैसले
कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि सरकार जानबूझकर इस फैसले को रोककर बैठी है. उनका कहना है कि आज की यह हड़ताल भले ही एक दिन की हो, लेकिन अगर सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा. बैंक कर्मचारियों का यह भी कहना है कि केंद्रीय और राज्य बजट में न तो मध्यम वर्ग को कोई राहत दी गई है और न ही सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान दिया गया है. वहीं किसानों की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है. इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर बैंक कर्मचारी, किसान यूनियनों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.
आंदोलन करने वालों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि फिलहाल यह हड़ताल एक दिन की है. लेकिन यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो इस आंदोलन को लखनऊ से दिल्ली तक, विधानसभा से लेकर लोकसभा स्तर तक और व्यापक रूप दिया जाएगा. इस पूरे आंदोलन को लेकर बैंक कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी अपनी बात रख रहे हैं.
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