बाइक बोट घोटाल: कंपनी के तीन निदेशक गिरफ्तार,अब तक 46 एफआइआर
बाइक बोट घोटाले में गौतमबुद्ध नगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हजारों करोड़ की इस ठगी के मामले में पुलिस ने कंपनी के तीन निदेशकों की गिरफ्तारी की है। साथ ही इस मामले में अबतक 46 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

नोएडा, एबीपी गंगा। गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड नामक कंपनी के बाइक बोट घोटाले मामले में आरोपी कंपनी के तीन एडिशनल डायरेक्टर को तीन थानों की पुलिस ने मिलकर गिरफ्तार किया है। यह आरोपी बीते दो माह से पुलिस की नजरों में धूल झोंक रहा थी। इसे पकड़ने में थाना फेज-दो, फेज-तीन और सूरजपुर थाने की पुलिस शामिल रही। इस कंपनी के खिलाफ अब तक 46 मामले दर्ज किये गये हैं और इस घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
पुलिस की गिरफ्त में आये हरीश कुमार, राजेश सिंह यादव और विशाल कुमार गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड नामक कंपनी के एडिशनल डायरेक्टर और बाइक बोट घोटाले मामले में आरोपी हैं इसमें हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में अब तक कुल 46 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। दो माह पहले इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर थाना फेज-2, थाना फेज-3 और सूरजपुर थाने की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर कंपनी के तीन एडिशनल डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त हरीश कुमार ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह इससे पहले सेना में हवलदार के पद पर नियुक्त था। अप्रैल 2017 में रिटायर होने के बाद अगस्त-2017 से गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के साथ कार्य कर रहा है। राजेश सिंह यादव पूर्व में आयुर्वेदिक मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूशन का काम करता था। वर्ष 2017 से गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर प्राइवेट लिमिटेड में कार्य कर रहा है। विशाल इससे पहले आयुर्वेदिक कम्पनी आईएमसी में मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूशन का काम करता था। साल 2017 से गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड में कार्य कर रहा है। वह कम्पनी में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर भी कार्यरत रहा है। तीनों को लाखों रुपए कमीशन के साथ एसयूवी गाड़िया मिली हुई थीं।
बाइक बोट स्कैम में एसआईटी की जांच से कई हजार करोड़ की ठगी का होना पाया गया है। इस मामले में अब तक पांच अभियुक्तों को जेल भेजा गया है। इसमें घोटाले का मुख्य आरोपी संजय भाटी भी शामिल है। एसआईटी ने अब तक आठे अभियुक्तों की गिरफ्तारी की है। इसमें एक अभियुक्त ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया गया है। इस मामले में अभी 12 आरोपी वांछित हैं, जिनकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इस प्रकरण में अब तक 18 बैंक खाते फ्रीज कराए गये हैं। जिसमें विभिन्न कम्पनियों व व्यक्तियों से लगभग 3 से 4 हजार करोड़ का ट्रान्जेक्शन किया गया है। जांच कर रही टीम ने अब तक 35 चार पहिया लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। इन कारों की अनुमानित मूल्य लगभग 8.25 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 104 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं, जिनका मूल्य लगभग 50 लाख रूपये आंका गया है।
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























