अयोध्या: राम मंदिर के लिए तराशे गए पत्थरों की सफाई कर रही हैं प्राइवेट कंपनियां, काम को देखते हुए लिया जाएगा बड़ा निर्णय
अयोध्या में अलग-अलग कंपनियां अपने कार्य का डेमो दे रही हैं. सबके काम की गुणवत्ता को परखा जाएगा और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि राम मंदिर निर्माण के लिए तराशे गए पत्थरों को साफ करने का काम किसे सौंपा जाए.

अयोध्या। राम मंदिर निर्माण से पहले राम जन्मभूमि निर्माण कार्यशाला में जो पत्थर तराशे गए हैं उन पर लगी काई और गंदगी को साफ करने के लिए कई कंपनियां अपने स्तर से काम कर रही हैं. इन कंपनियों के काम को देखने के बाद यह तय किया जाएगा कि पत्थर साफ करने का कार्य किस कंपनी को दिया जाए. राम जन्मभूमि न्यास कार्यशाला में मंदिर मॉडल के अनुरूप पत्थरों को तराशने का काम लगभग 65 फीसदी पूरा हो गया है. इसमें सिंह द्वार, रंग मंडप, कोली गर्भगृह बनकर तैयार है.
फिलहाल, राम जन्मभूमि निर्माण कार्यशाला में अलग-अलग कंपनियां अपने कार्य का डेमो दे रही हैं जिसको देखने के बाद और इनके काम की गुणवत्ता को परखने के बाद यह तय किया जाएगा की कौन सी कंपनी इस काम में सबसे उपयुक्त है. कार्यशाला के व्यवस्थापक अनु भाई सोनपुरा कहते हैं की अभी आगे भी कई कंपनियां आएंगी और सबके काम की गुणवत्ता को परखा जाएगा और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि राम मंदिर निर्माण के लिए तराशे गए पत्थरों को साफ करने का काम किसे सौंपा जाए.

आपको बता दें कि राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर निर्माण के पहले साफ सफाई और समतलीकरण का कार्य पूरा हो चुका है और एलएनटी ने इस बात का भी आकलन कर लिया है कि किस स्तर पर मंदिर का स्ट्रक्चर सहन करने के लिए भूमि उपयुक्त है. इसके बाद एलएनटी ही राम मंदिर निर्माण का बुनियाद स्ट्रक्चर तैयार करेगी.

एक बार बुनियाद का स्ट्रक्चर तैयार हो गया तो उसके बाद राम मंदिर निर्माण के लिए तराशे गए पत्थरों की आवश्यकता होगी और इसके लिए पत्थरों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है. अब आगे के पत्थर राम जन्मभूमि परिसर में ही तराशे जाएंगे और इसके लिए कार्यशाला को राम जन्मभूमि परिसर में ही स्थानांतरित किया जाएगा. इतना ही नहीं अब तक तारशे गए पत्थरों को भी राम जन्मभूमि परिसर की नई निर्माणाधीन कार्यशाला में स्थानांतरित किया जाएगा.
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Source: IOCL


























