योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, नोएडा के एसएसपी वैभव कृष्ण सस्पेंड, 14 आईपीएस अफसरों के तबादले
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुये नोएडा के एसएसपी वैभव कृष्ण को निलंबित कर दिया है। साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पांच आईपीएस अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। शासन ने उन्हें हटा दिया है। तकरीबन 14 आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर किया गया है

लखनऊ, एबीपी गंगा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुये नोएडा के वरिष्ठ पुलिस आधीक्षक वैभव कृष्ण को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पांच आईपीएस अफसरों पर भी कार्रवाई की गई है। शासन ने अजयपाल शर्मा, सुधीर सिंह, हिमांशु कुमार, राजीव नारायण मिश्रा व गणेश साहा को हटाया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे गये गोपनीय पत्र के लीक होने के मामले में सीएम नाराज चल रहे थे। वैभव कृष्ण के एक महिला से चैट के वायरल वीडियो की गुजरात फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई की गई। लैब की रिपोर्ट में यह वीडियो और चैट सही पाये गये। वैभव कृष्ण ने इसे फर्जी बताया था। लैब की रिपोर्ट में सामने आया कि यह वीडियो एडिटेड और मार्फ्ड नहीं था।
यही नहीं इस पूरे मामले में वैभव कृष्ण ने खुद एफआईआर दर्ज करवाई थी। सरकार ने इस मामले की जांच मेरठ जोन के एडीजी और आईजी को जांच का जिम्मा दिया था। आपको बता दें कि नोएडा के एसएसपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी और इस दौरान उन्होंने गोपनीय पत्र को लीक कर दिया था।
एडीजी जोन मेरठ प्रशांत कुमार की रिपोर्ट आने के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इसके अलावा भ्रष्टाचार में घिरे पांच आईपीएस अफसरों पर गाज गिरी है। पुलिस अधीक्षक रामपुर अजयपाल शर्मा, सुधीर कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद सुधीर सिंह, पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर हिमांशु कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ लखनऊ राजीव नारायण मिश्रा व पुलिस अधीक्षक बांदा गणेश साहा भी हटाए गए हैं। इस तरह लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी समेत 14 आइपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। डीजी विजिलेंस हितेश चंद्र अवस्थी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय एसआइटी आइपीएस अधिकारियों पर लगे आरोपों की जांच करेगी।
वैभव कृष्ण ने पांच आइपीएस अफसरों पर लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप
नोएडा के एसएसपी वैभव कृष्ण के कथित वीडियो वायरल होने के बाद वैभव कृष्ण द्वारा शासन को भेजा गया गोपनीय पत्र भी लीक हो गया था। पत्र में पांच आइपीएस अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे। पत्र लीक होने से सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुये कहा था कि नोएडा के एसएसपी वैभव कृष्ण से गोपनीय पत्र लीक करने के लिए स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात कही थी। इसके बाद आइजी मेरठ रेंज आलोक सिंह ने वैभव कृष्ण को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया था, जिसे शासन को सौंपा जा चुका है। आइजी आलोक सिंह ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।
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