Kanpur: कानपुर में खुले में पड़ा है 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम, हवा से लेकर पानी में घुल रहा जहर
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में औद्योगिक इकाई से निकले क्रोमियम को निपटाने से पहले प्रशासन उसे पॉलीथीन से कवर करने की तैयारी कर रही है ताकि इसका हवा में इसका असर कम किया जा सके.

UP News: कानपुर (Kanpur) देहात के औद्योगिक इकाइयों से निकाल कर इकट्ठी हुई दूषित क्रोमियम स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन गई है. कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में 63 हजार मैट्रिक टन दूषित क्रोमियम को डंप किया गया है जो कि भूजल को पूरी तरह से खराब कर चुका है. अब यहां का पानी न तो पीने लायक है और न ही इसे इतेमाल किया जा सकता है. क्रोमियम से हवा में भी जहर घुलने लगा है. बता दें कि इस इलाके की आबादी 20 हजार है.
प्रदूषण के लिए पहले भी एनजीटी ने कानपुर देहात की छह औद्योगिक इकाइयों पर 280 करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया गया था. उन्होंने ही प्रदूषित क्रोमियम सल्फेट को यहां फेंका था. अब एनजीटी के सख्त तेवर को देखकर जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 63000 टन मीट्रिक क्रोमियम के निपटारे के लिए रणनीति तैयार की गई है. वेस्ट प्रोडक्ट को डंप करने वाली इकाइयों को इसका टेंडर दिया जाएगा. बताया जा रहा है कि 11 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से इसको वेस्टेज कंपनियां नष्ट करेंगी. आपको बता दें कि एनजीटी की तरफ से जारी गाइडलाइन में कानपुर देहात की औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की गई है. ये कंपनियां कानपुर देहात में मौजूद हैं.
क्रोमियम को पॉलीथीन से ढंकने की हो रही तैयारी
जिलाधिकारी नेहा जैन ने इस समस्या को प्रमुखता से लेते हुए इसके जल्द से जल्द निस्तारण के लिए रणनीति तैयार की है. उन्होंने बताया है कि जब तक इस प्रदूषण को पूरी तरीके से नहीं हटाया जाता, तब तक कानपुर की ही एक फैक्ट्री को प्रदूषण की मोटी परत को पॉलीथीन से ढंकने का टेंडर दिया गया है. कंपनी रनिया क्षेत्र में पड़े 63 हजार मैट्रिक टन दूषित क्रोमियम को पॉलिथीन से ढंकेगी जिससे कि यह हवा में फैलने वाले प्रदूषण को रोक सके, साथ ही साथ बरसात से पहले इस क्रोमियम को इलाके से हटाकर नष्ट करने की रणनीति भी बनाई जा रही है.
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Source: IOCL


























