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जांच के लिए न्यायिक आयोग की टीम तीसरी बार पहुंची संभल, सरकारी अधिकारियों के दर्ज किए बयान

Sambhal Violence Update: संभल में बीते साल नवंबर में हिंसा फैल गई थी. इसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए. इस हिंसा की जांच यूपी सरकार की गठित न्यायिक आयोग ने शुरू कर दी है.

Sambhal News Today: उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की जांच के लिए न्यायिक आयोग की टीम गुरुवार (30 जनवरी) संभल पहुंची. न्यायिक आयोग की तीन सदस्यीय टीम संभल के पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में रुकी. इस दौरान न्यायिक आयोग टीम ने यहां पर उन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जो घटना वाले दिन ड्यूटी पर मौजूद थे. 

यूपी सरकार द्वारा गठित इस न्यायिक जांच आयोग की तीन सदस्य कमेटी में रिटायर्ड जज देवेंद्र अरोड़ा, यूपी के पूर्व डीजीपी अरविंद कुमार जैन और रिटायर्ड प्रमुख सचिव अमित प्रसाद शामिल हैं. न्यायिक जांच आयोग की टीम आज गुरुवार को तीसरी बार संभल पहुंची. जांच टीम सुबह लगभग 11 बजे संभल के पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पहुंच कर बयान लेने का सिलसिला शुरू किया. इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी.

इस दौरान संभल के डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया, एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई, एसडीएम वंदना मिश्रा और सीओ अनुज चौधरी मौके पर मौजूद रहे. समाजवादी पार्टी के संभल शहर सीट से विधायक और पूर्व मंत्री नवाब इकबाल महमूद भी न्यायिक जांच आयोग से मिलने पहुंचे. 

सरकारी अधिकारियों के बयान दर्ज
शाही जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष जफर अली एडवोकेट भी अपना बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचे, लेकिन उन से कहा गया कि अभी सिर्फ अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आप लोगों के बयान अगली बार लिए जाएंगे. इसी बीच कुछ लोग 1978 के दंगों की जांच की मांग वाली तख्तियां अपने हाथों में लेकर गेस्ट हॉउस पहुंचे और एसडीएम संभल को अपनी मांगों का एक ज्ञापन दिया. 

सपा विधायक नवाब इक़बाल महमूद ने कहा की हम न्यायिक जांच आयोग के अधिकारियों से मिलने आए हैं, उनका स्वागत करेंगे और अगर वह हमसे कुछ पूछेंगे तो हम जनप्रतिनिधि होने के नाते अपना बयान भी दर्ज कराऊंगा. बीजेपी नेता राजेश सिंघल भी कुछ लोगों को साथ लेकर गेस्ट हॉउस पहुंचे और वह भी घटना के संबंध में बयान देना चाहते थे. न्यायिक जांच आयोग की टीम 4 बजे के बाद पीडब्लूडी गेस्ट हॉउस से वापस चली गई. 

'जांच टीम आने की दी जाएगी सूचना'
जिसके बाद जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि आज संभल में न्यायिक जांच आयोग की टीम तीसरी बार आई थी. टीम ने सभी सरकारी लोगों के बयान लिए हैं. गवाह के रूप में और उनके शपथ पत्र भी लिए हैं. उन्होंने कहा कि अब अगली बार जब टीम आएगी तो समाचार पत्रों के माध्यम से उसकी सूचना दी जाएगी. जब भी टीम आती है तो उसकी जानकारी पत्र के माध्यम से हमें मिलती है. 

संभल जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया आगे बताया कि अगली बार टीम कब आएगी, इसकी जानकारी दे दी जाएगी. हमें आयोग की तरफ से बता दिया जाता है कि इस बार किस के बयान लेने हैं. उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ सरकारी गवाहों के बयान लिए गये हैं और अब टीम वापस चली गयी है. 

क्या है पूरा मामला?
बता दें, संभल में 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन चंदौसी कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. जिसमें दावा किया गया था कि संभल की शाही जामा मस्जिद, श्री हरिहर मंदिर है. इस याचिका पर 19 नंवबर को ही कोर्ट ने सर्वे का आदेश दे दिया था.

कोर्ट के आदेश के बाद शाम को ही टीम पहले चरण का सर्वे करने शाही जामा मस्जिद पहुंच गई थी, उसके बाद दूसरे चरण के सर्वे के लिए सर्वे टीम 24 नंवबर को शाही जामा मस्जिद पर पहुंची थी. 24 नवंबर को सर्वे के दौरान बाहर भीड़ जमा हो गई और हिंसा शुरू हो गई.

पुलिस प्रशासन ने सर्वे पूरा होने पर, सर्वे टीम को सुरक्षित रवाना कर दिया था. 24 नवंबर को हुई हिंसा में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई थी. यूपी सरकार ने हिंसा की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किया था, जो घटना की जांच कर रहा है. 

ये भी पढ़ें: महाकुंभ में एक और जगह मची थी भगदड़, चश्मदीदों के मुताबिक कुछ लोगों की हुई मौत, प्रशासन चुप

उबैदुर्रहमान, एबीपी न्यूज़ के वरिष्ठ और सक्रीय टीवी पत्रकार व ग्राउंड रिपोर्टर हैं. पिछले 20 वर्षों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल और उत्तराखण्ड की राजनितिक,  आपराधिक, वाइल्ड लाइफ, सामाजिक, सांस्कृतिक  और इन्वेस्टिगेटिव ख़बरों को कवर कर रहे हैं. ABP न्यूज़ से पहले ये कई बड़े संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. इन्होंने बैचलर ऑफ साइंस के बाद टीवी पत्रकारिता एवं प्रसारण में डिप्लोमा और जामिया उर्दू अलीगढ़ से अदीब-ए-कामिल किया है.

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