इंसाफ न मिलने पर गैंगरेप पीड़ित ने उठाया खौफनाक कदम, दरवाजा खुलते ही परिजन रह गए दंग
बाराबंकी में कार्रवाई न होने से नाराज एक गैंगरेप पीड़िता ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बाराबंकी, एबीपी गंगा। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक गैंगरेप पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जहांगीराबाद के एक गांव की रहने वाली एलएलबी छात्रा ने 2 सितंबर को लेखपाल सहित दो लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जिसकी वजह से गैंगरेप पीड़िता ने फांसी लगाकर जान दे दी।
मृतका के परिजनों का आरोप हैं की कार्रवाई न होने से उनकी बेटी तनाव में रहती थी जिसके चलते उसने थाना जहांगीराबाद में अपनी मौसी के घर में फांसी लगा जान दे दी। उधर पुलिस आत्महत्या की वजह को पारिवारिक बिवाद बताकर मामले में सफाई दे रही है।
छात्रा की मां का आरोप है कि चार महीने पहले थाना कोठी ग्राम सेमरावा निवासी शिवपल्टन और लेखपाल शिवकुमार ने उसके साथ बलात्कार किया था। आरोपी लेखपाल दबंग है और उस पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। इस संबंध में पुलिस ने पहले उनकी शिकायत दर्ज नहीं की। हालांकि बाद में अदालत के आदेश पर मामला दर्ज हुआ। अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका कहना है कि आरोपी सुलह के लिए लगातार छात्रा पर दबाव बना रहे थे। उनकी प्रताड़ना से परेशान होकर ही उसने आत्महत्या की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 22 साल की छात्रा जहांगीराबाद में अपनी मौसी के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही थी। मंगलवार रात युवती खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थी। बुधवार को सुबह जब घरवारों ने उसे जगाने के लिए उसका दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद किसी तरह दरवाजा खोला तो घरवालों ने युवती का शव फंदे से लटकता हुआ पाया। पुलिस ने कमरे से युवती का मोबाइल बरामद कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि मृतका के पिता ने पोस्टमार्टम से पहले एक लिखित तहरीर दी थी उनकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है और उन्हें किसी पर शक नहीं है। लेकिन बाद में उसकी मां ने तहरीर दी कि दुष्कर्म आरोपी उसे परेशान कर रहे थे, जिसके चलते उसने फांसी लगा ली। अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















