गोरखपुर: कमिश्नर से नाराज पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह धरने पर बैठे, कहा- बातों को अनसुना किया
पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि वे गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने के लिए आए थे, लेकिन कमिश्नर ने उनके साथ ठीक से न तो व्यवहार किया और न ही उनकी मांगों को ठीक से सुना.

गोरखपुर. सपा सरकार में मंत्री और तीन बार के विधायक रह चुके राधेश्याम सिंह गुरुवार को गोरखपुर के कमिश्नर कार्यालय पर धरने पर बैठ गए. पूर्व मंत्री कमिश्नर जयंत नार्लिकर से नाराज हैं. मंत्री का आरोप है कि कमिश्नर ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया. उन्होंने कहा कि वे गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने के लिए आए थे. कमिश्नर ने उनके साथ ठीक से न तो व्यवहार किया और न ही उनकी मांगों को ठीक से सुना.
कमिश्नर पर लगाया बदसलूकी का आरोप राधेश्याम सिंह ने बताया कि वे गुरुवार को कमिश्नर कार्यालय पर गन्ना और धान किसानों की समस्याओं को लेकर कमिश्नर जयंत नार्लिकर को ज्ञापन देने के लिए आए थे. उन्होंने एक दिन पहले ही फोन पर मिलने का समय भी लिया था. उन्होंने बताया कि वे कमिश्नर के सामने बैठे, तो कमिश्नर ने उन्हें दूर बैठकर बात करने को कहा. वे दूर बैठ भी गए. उन्होंने बताया कि वे गन्ना और धान किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने के लिए आए हैं. कमिश्नर ने कहा कि वे उनके पीए को ज्ञापन दे दें. उन्होंने कहा कि जब सरकार तानाशाह और नौकरशाह बेलगाम हो जाए, तो आंदोलन के सिवाय कोई रास्ता नहीं है. यही वजह है कि आज यहां पर धरने पर बैठे हैं.
अपर आयुक्त ने खत्म कराया धरना राधेश्याम सिंह ने कहा कि अपर आयुक्त आए ने उनका धरना खत्म कराया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हुए कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं का समाधान हो. धान किसानों के धान मूल्य का भुगतान हो. उन्होंने कहा कि गांधीवादी तरीके से आंदोलन करेंगे. वे हमारी बात नहीं सुनेंगे, तो वे धरने पर बैठ गए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों का उत्पीड़न करेगी, तो वे बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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