भारत अब इस ओर बढ़ा रहा अपने कदम, यूपी के किसानों की बढ़ेगी इनकम, होंगे मालामाल
UP News: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इथेनॉल20 यानी E20 की दिशा में अपने कदम बढ़ा रही है. जानकारों का मानना है कि यह न सिर्फ पर्यावरण के फायदेमंद है, बल्कि इससे किसानों की इनकम भी बढ़ेगी.

E20 पेट्रोल की ओर भारत अपने कदम बढ़ा रहा है. जानकारों की माने तो इससे किसानों को लगभग 40,000 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है. इतना ही नहीं इससे सरकार को भी अतिरिक्त लाभ मिलने वाला है. करीब 43,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचत का अनुमान है. इथेनॉल से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की इनकम बढ़ेगी.
बताते चलें कि कच्चे तेल के आयात को कम करने के साथ किसानों की आय को बढ़ाने के लक्ष्य के साथ लगातार कवायद आगे बढ़ रही है. जानकारी के अनुसार अब तक 736 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम हुआ है, जो 30 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है.
किसान बने ऊर्जादाता
भारत सरकार की इस पहल ने किसानों को अन्नदाता से इतर एक अलग पहचान दिला दी है और अब इन्हें उर्जादाता के नाम से भी जाना जा रहा है. क्योंकि अब कच्चे तेल आयात पर खर्च होने वाला पैसा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जा रहा है. इससे ग्रामीणों की जीवन शैली में बदलाव देखने को मिलेगा.
जानें E20 के फायदे
इथेनॉल की ऑक्टेन रेटिंग 108.5 है, जबकि पेट्रोल की 84.4, जिससे आधुनिक हाई-कंप्रेशन इंजन ज्यादा आसानी से चलते हैं. खासतौर पर शहर की ड्राइविंग स्थितियों में ये बेहतर है. इथेनॉल मिलाने से पेट्रोल की क्वालिटी BS-VI मानकों के तहत RON 88 से बढ़कर RON 95 हो गई है, जिससे नॉकिंग रुकती है और परफॉर्मेंस बेहतर होती है.
इधर, केंद्र सरकार ने चीनी उद्योग को राहत देते हुए बड़ा कदम उठाया है, सरकार ने नोटिफिकेशन जारी स्पष्ट किया है कि अब गन्ने के रस, सिरप और हर तरफ से शीरे से इथेनॉल उत्पादन पर कोई सीमा नहीं. आपको बता दें कि अब तक सरकार इथेनॉल उत्पादन पर नियंत्रण लगाती रही है.
किसानों के लिए मददगार साबित होगा E20
दरअसल इथेनॉल एक अलग प्रकार का ईंधन है और इसके प्रयोग से प्रदूषण कम होता है. इथेनॉल का उत्पादन स्थानीय स्तर पर होता है, इसलिए E20 ईंधन भारतीय किसानों के लिए मददगार साबित होता है. साथ ही आयातित तेल पर निर्भरता को कम करता है. E20 अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है. इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर वाहनों के उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलती है.
Source: IOCL






















