बीमा प्रीमियम, फास्टैग, जीएसटी... नए साल से इन योजनाओं में हो रहा है बड़ा बदलाव
नए साल से बीमा प्रीमियम आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। दरअसल, एक फरवरी 2020 से जीवन बीमा पॉलिसी के नियम बदलने जा रहे हैं। बीमा नियामक इरडा कंपनियों को आदेश दे चुका है कि लिंक्ड, नॉन लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी में बदलाव किया जाएगा।

नई दिल्ली, एबीपी गंगा। नया साल 2020 शुरू हो चुका है। पुराने साल का कैलेंडर बदलने के साथ ही आपकी जिंदगी से जुड़े कुछ बदलाव भी होने जा रहे हैं। बात चाहे आपके बीमा प्रीमियम की हो या फिर फास्टटैग की... आज हम आपको कुछ ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी देंगे जिनके बारे में जानना आपके लिए बेहद जरुरी है क्योंकि इन बदलावों का असर आपकी जेब पर पड़ेगा।
बीमा प्रीमियम पड़ेगा जेब पर भारी नए साल से बीमा प्रीमियम आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। दरअसल, एक फरवरी 2020 से जीवन बीमा पॉलिसी के नियम बदलने जा रहे हैं। बीमा नियामक इरडा कंपनियों को आदेश दे चुका है कि लिंक्ड, नॉन लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी में बदलाव किया जाएगा। नए नियम लागू होने से प्रीमियम महंगा हो जाएगा और गारंटीड रिटर्न भी थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि, पॉलिसी मेच्योरिटी पर निकासी की सीमा 33 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी हो जाएगी। पॉलिसी लेने वाले को गारंटीड रिटर्न का विकल्प भी मिलेगा।
सबका विश्वास योजना बंद एक जनवरी से सबका विश्वास योजना बंद होने जा रही है। वित्त मंत्री ने 2019 के बजट में सबका विश्वास योजना की शुरुआत की थी। योजना का मकसद बकाया कर राशि वालों को आंशिक छूट देकर कर विवादों का जल्द से जल्द निपटारा करना था।
वाहनों पर फास्टैग जरूरी नेशनल हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों को फास्टैग लगाना जरूरी होगा। सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से टोल वसूली को अनिवार्य करते हुए 15 जनवरी से सभी वाहनों पर फास्टैग जरूरी कर दिया है। बतादें कि अगर बिना फास्टैग वाला वाहन फास्टैग लेन से गुजरता है तो चालक को दोगुना टोल देना होगा।
एसबीआई ग्राहकों के लिए नए नियम एसबीआई के ग्राहकों के लिए एक जनवरी से दो नए नियम लागू होने जा रहे हैं। बैंक के सभी एटीएम और अन्य कैश निकासी सिस्टम के जरिये ट्रांजेक्शन के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा। इसके अलावा एसबीआई सभी ग्राहकों के मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड बदल रहा है, जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर है।डिजिटल पेमेंट होगा और आसान रूपे कार्ड और यूपीआई के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों को राहत मिलने वाली है। दरअसल, एक जनवरी से रूपे कार्ड और यूपीआई के जरिये भुगतान पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) नहीं लगेगा। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले करोबारियों के लिए डिजिटल पेमेंट निशुल्क होगा।
आधार से होगा जीएसटी पंजीकरण नए साल से जीएसटी का पंजीकरण आधार के जरिए भी हो सकेगा। जीएसटी पंजीकरण को आसान बनाने के लिए सरकार ने ऐसा किया है।
ईपीएफओ में पेंशन कम्युटेशन की सुविधा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशन कोष से एकमुश्त आंशिक निकासी यानी ‘कम्युटेशन’ की सुविधा ले सकेंगे। ये सुविधा एक जनवरी से लागू हो रही है। इसके तहत पेंशनधारक को एडवांस में पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त दिया जाता है और 15 वर्षों तक पेंशन से तिहाई कटौती की जाती है।
बैकों से एनईएफटी पर चार्ज नहीं 1 जनवरी 2020 से ग्राहकों को बैंकों से एनईएफटी के जरिए किए जाने वाले लेनदेन के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। नोटबंदी की तीसरी वर्षगांठ पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया था। वहीं 16 दिसंबर से 24 घंटे नेफ्ट ट्रांजेक्शन की सुविधा भी शुरू कर दी गई है।
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