UP के बहराइच में छात्र का दावा- UGC का विरोध करने पर जानलेवा हमला, पुलिस की थ्योरी कुछ और!
UGC Lates Update: पीड़ित ने बताया कि हमला उस वक्त हुआ जब वह किसान डिग्री कालेज से अपना अंकपत्र लेने गया था. पीड़ित युवक की पहचान बहराइच जनपद के इंदनापुर गांव के रहने वाले विमल शर्मा के तौर पर हुयी है.

- कॉलेज में यूजीसी विनियमों के विरोध करने वाले छात्र पर हमला हुआ.
- हमले के बाद छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया.
- पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
- प्रारंभिक जांच में हमले का यूजीसी विनियमों के विरोध से संबंध नहीं.
यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) विनियम, 2026 का लगातार विरोध करने वाले एक छात्र पर सोमवार को उसके कालेज में अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने इसकी जानकारी दी. पुलिस ने मंगलवार को बताया कि इस सिलसिले में 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गयी है.
पीड़ित ने बताया कि यह हमला उस वक्त हुआ जब वह स्थनीय किसान डिग्री कालेज से अपना अंकपत्र लेने गया था. उन्होंने बताया कि पीड़ित युवक की पहचान बहराइच जनपद के इंदनापुर गांव के रहने वाले विमल शर्मा के तौर पर हुयी है.
विमल ने दावा किया कि वह लगातार यूजीसी विधेयक का सक्रिय होकर विरोध कर रहा था. उसने बताया, 'रविवार को विधेयक के विरोध में मैने बहराइच से अयोध्या तक की पदयात्रा शुरू की थी, लेकिन पुलिस मुझे बहराइच सीमा से वापस ले आई थी.
छात्र ने बताया, 'सोमवार को मैं किसान डिग्री कालेज से अपना अंकपत्र लेने जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने मुझपर जानलेवा हमला कर मुझे घायल कर दिया.'
देहात कोतवाली थाना प्रभारी एंव पुलिस निरीक्षक दद्दन सिंह ने मंगलवार को बताया कि 'अंकपत्र लेने कालेज गये विमल शर्मा ने सोमवार को छः नामजद व सात अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है.'
उन्होंने कहा, 'मामले की तफ्तीश की जा रही है. अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित युवक का इलाज कराया गया है, उसकी हालत स्थिर है.'
बहराइच पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस निरीक्षक ने बताया, 'पदयात्रा व मारपीट दो अलग अलग मामले हैं, पदयात्रा दो तीन दिन पूर्व निकालने की सूचना मिली थी, जबकि मारपीट की घटना सोमवार को कालेज में अंकपत्र लेने जाते समय हुई है.'
उन्होंने बताया कि शुरूआती जांच में पदयात्रा तथा यूजीसी विनियम विरोध का इस मारपीट से कोई ताल्लुक नहीं नजर आ रहा है, फिर भी मामले की जांच के दौरान किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है.
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Source: IOCL


























