कांग्रेस की कलह पर सीएम भगवंत मान ने ली चुटकी, कहा- चुनाव में इनको इतनी सीट दीजिए कि...
CM भगवंत मान ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि 'न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी.' CM ने आरोप लगाया कि कांग्रेसी जनता की सेवा के लिए नहीं, बल्कि सत्ता के लिए लड़ रहे हैं

पंजाब के होशियारपुर जिले के मुकेरियां में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राज्य इकाई की अंदरूनी गुटबाजी पर अपने चुटीले अंदाज में निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालत ऐसी हो गई है कि 'राजा वडिंग (पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी) की चरणजीत सिंह चन्नी (पूर्व सीएम) से नहीं बनती, चन्नी की प्रताप सिंह बाजवा से नहीं बनती, बाजवा की रंधावा से नहीं बनती, रंधावा की वडिंग से नहीं बनती, वडिंग की नवजोत सिंह सिद्धू से नहीं बनती और सिद्धू की किसी से नहीं बनती.'
मान ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की लड़ाई खत्म करवाना अब जरूरी हो गया है और शायद उन्हें ही बीच में आना पड़े. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इतनी ही सीटें मिलें कि मुख्यमंत्री बनने की नौबत ही न आए, 'न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी.'
सीएम भगवंत मान ने कहा कि कांग्रेस के नेता ऐसे व्यवहार कर रहे हैं, मानो राज्यपाल ने पहले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ का समय तय कर दिया हो और अब सिर्फ यह तय करना बाकी हो कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा. उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार बनाने के लिए 59 सीटों की जरूरत होती है, लेकिन कांग्रेस पहले सीटें जीतने की बजाय मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए आपस में लड़ रही है.
'किसी की पगड़ी हाथ में होगी, किसी का माथा फूटा होगा...'
मान ने कांग्रेस की प्रस्तावित बस यात्रा पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल गांधी सभी नेताओं को बस में तो एक साथ बैठा देंगे, लेकिन उतरते समय कोई साथ नहीं होगा. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि किसी की पगड़ी हाथ में होगी, किसी का माथा फूटा होगा, किसी की नाक टूटी होगी, इसलिए बस में दो-चार ऐसे लोगों को भी बैठा देना चाहिए जो उनकी लड़ाई छुड़ा सकें.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता जनता की सेवा के लिए नहीं, बल्कि सत्ता और लूट के लिए आपस में लड़ रहे हैं ताकि मुख्यमंत्री बनकर पंजाब को लूट सकें. उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सत्ता में आई तो आम लोगों के लिए चल रही सभी मुफ्त योजनाएं बंद कर देगी. मान ने कहा कि कांग्रेस के नेता पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि सरकार बनने पर वे मुफ्त सुविधाओं वाली सभी योजनाओं को खत्म कर देंगे.
























