पंजाब कांग्रेस में बढ़ी कलह, भूपेश बघेल के सामने चन्नी समर्थकों का हंगामा
Punjab Congress News: पंजाब कांग्रेस की पटियाला और संगरूर बैठकों में चरनजीत सिंह चन्नी समर्थकों की नारेबाजी से हंगामा हुआ. भूपेश बघेल ने अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी.

पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई. शनिवार (1 अगस्त) को पटियाला और संगरूर में आयोजित कांग्रेस की जिला इकाइयों के कार्यक्रमों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए दोनों कार्यक्रमों का माहौल तनावपूर्ण हो गया. इन बैठकों में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और पार्टी महासचिव भूपेश बघेल भी मौजूद थे.
पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे समय में पार्टी लगातार संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रही है, लेकिन शनिवार की घटनाओं ने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी की चर्चाओं को फिर तेज कर दिया.
भूपेश बघेल का हमला, 'AAP-BJP एक ही थैली के चट्टे-बट्टे'
वडिंग का भाषण शुरू होते ही लगे चन्नी के समर्थन में नारे
पटियाला में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, भूपेश बघेल, सांसद अमर सिंह, ब्रह्म मोहिंद्रा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. हालांकि, इस कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी दूर रहे.
जैसे ही राजा वडिंग ने अपना भाषण शुरू किया, कुछ कार्यकर्ताओं ने 'चरनजीत सिंह चन्नी जिंदाबाद' और 'चन्नी लियाओ, पंजाब बचाओ' के नारे लगाने शुरू कर दिए. नारेबाजी इतनी तेज हो गई कि कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हो गया.
इस दौरान नाराज दिख रहे वडिंग ने कार्यकर्ताओं से कई बार अनुशासन बनाए रखने और बैठक को जारी रखने देने की अपील की. हालांकि, उनके आग्रह के बावजूद कुछ देर तक नारेबाजी जारी रही, जिसके बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू हो सका. भूपेश बघेल समेत अन्य वरिष्ठ नेता पूरे घटनाक्रम को देखते रहे, जबकि बाकी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश की.
संगरूर में भी दोहराया गया वही घटनाक्रम
पटियाला के बाद संगरूर में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में भी लगभग ऐसा ही माहौल देखने को मिला. यहां चन्नी समर्थकों के एक समूह ने उनके समर्थन में और भूपेश बघेल के खिलाफ नारे लगाए.
तनाव उस समय और बढ़ गया, जब चन्नी समर्थक कई लोगों की अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ तीखी बहस हो गई. चन्नी के एक समर्थक ने जालंधर के सांसद को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने की मांग करते हुए कहा कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को दर्शाता है.
भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री चेहरे पर किया साफ ऐलान
कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने साफ कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और मंत्रियों का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा. उन्होंने पार्टी में अनुशासन बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि "जो भी पार्टी में अनुशासनहीनता करेगा, उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा."
बाद में पटियाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी उन्होंने यही बात दोहराई और कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता करने वाले किसी भी व्यक्ति को, चाहे उसका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा.
उन्होंने इसके लिए नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निष्कासित किए जाने का उदाहरण दिया. जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी चन्नी के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी, तो बघेल ने सवाल किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने आखिर ऐसी कौन-सी गलती की है.
राजा वडिंग ने लगाया AAP पर आरोप
संगरूर में हुए हंगामे के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि कार्यक्रम को बाधित करने के लिए लोगों को भेजा गया था. उन्होंने कहा, "चन्नी ने इन लोगों को नहीं भेजा है. वह हमारे लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक हैं."
वडिंग ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी को मजबूत करना सबसे जरूरी है. उन्होंने कहा कि कोई भी नेता कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो, लेकिन अगर जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत नहीं होगा तो चुनाव जीतना मुश्किल होगा.
इस पूरे विवाद के बीच पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर का मामला भी चर्चा में रहा. वडिंग ने बताया कि जलालपुर को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयान देने के कारण निलंबित किया गया है.
इसके कुछ समय बाद चरनजीत सिंह चन्नी खुद जलालपुर के घर पहुंचे और पार्टी नेतृत्व से उनका निलंबन वापस लेने की अपील की. जलालपुर को चन्नी खेमे का करीबी नेता माना जाता है. चन्नी ने कहा, 'मदन लाल जलालपुर मेरे भाई हैं. वह पार्टी की संपत्ति हैं और ऐसे नेताओं को अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए.'
उन्होंने हाल के वर्षों में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के निलंबन और पार्टी छोड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को आगे और विभाजन से बचना चाहिए तथा संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. चन्नी ने कहा, 'हमें एक गुलदस्ते की तरह सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए. अनुभवी नेताओं के एकजुट रहने से ही कांग्रेस और मजबूत हो सकती है.'
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बघेल बोले- कांग्रेस को मजबूत करने का समय
भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब के लोग बेहतर और जनहितैषी शासन के विकल्प के रूप में कांग्रेस की ओर देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल में छोटे-मोटे मतभेद होते हैं, लेकिन उन्हें कांग्रेस की आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अकाली दल के खिलाफ बड़ी राजनीतिक लड़ाई के लिए दूर किया जा सकता है.
उन्होंने विश्वास जताया कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और मजबूत होकर उभरेगी, क्योंकि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का साझा लक्ष्य पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाना है.
जिला समिति की बैठकों से कुछ नेताओं के दूर रहने के सवाल पर बघेल ने इन दावों को खारिज किया. उन्होंने कहा, 'सभी नेताओं को इन कार्यक्रमों की जानकारी दी गई है और नेता इसमें शामिल हो रहे हैं. यह कहना गलत है कि कोई नेता नहीं आया. सभी नेता अपनी सुविधा के अनुसार इसमें भाग ले रहे हैं.'
चुनाव से पहले संगठन को एकजुट रखने की चुनौती
पंजाब कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी की समस्या से जूझ रही है. हालांकि पार्टी नेतृत्व लगातार यह दावा करता रहा है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और नेताओं के बीच एकजुटता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.
भूपेश बघेल फिलहाल पंजाब दौरे पर हैं. उन्होंने शुक्रवार को फतेहगढ़ साहिब और मोहाली से 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' अभियान की शुरुआत की थी. उसी दौरान उन्होंने पार्टी की पंजाब इकाई में किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा था कि मीडिया और कुछ लोग संगठन में अंदरूनी कलह की धारणा बना रहे हैं.
लेकिन शनिवार को पटियाला और संगरूर में जो तस्वीर सामने आई, उसने साफ संकेत दिया कि चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन में अनुशासन बनाए रखने और सभी नेताओं को एक मंच पर लाने की होगी.















