1 मई को पंजाब में विधानसभा का विशेष सत्र, विश्वास प्रस्ताव ला सकती है मान सरकार
Punjab News: बीजेपी ने आरोप लगाया है कि इस सत्र का असली मकसद विश्वास प्रस्ताव लाकर अगले 6 महीने के लिए सरकार को सुरक्षित करने का है क्योंकि आम आदमी पार्टी के अधिकांश विधायक पार्टी के साथ नहीं हैं.

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र शुक्रवार, 30 अप्रैल को बुलाया है. पार्टी के पंजाब से 6 राज्यसभा सांसदों द्वारा बीजेपी में शामिल होने कुछ दिन बाद बुलाए जा रहे इस विशेष सत्र की राजनीतिक अहमियत भी बड़ी है.
ये सत्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस को समर्पित है. हालांकि इस सत्र में आम आदमी पार्टी विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि वैसे तो सरकार के पास बहुमत है क्योंकि पार्टी के 94 विधायक हैं मगर अगर किसी को ये लगता है कि पार्टी के पास बहुमत नहीं है तो पार्टी विश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है.
अटकलों पर विराम लगाना चाहती है मान सरकार
विश्वास प्रस्ताव के जरिए आम आदमी पार्टी उन अटकलों पर विराम लगाना चाहती है, जिनमें ये कहा जा रहा है कि पार्टी के बहुत सारे विधायक दूसरी राजनीतिक पार्टियों, खासकर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. हालांकि आम आदमी पार्टी नेताओं ने इन अटकलों को महज अफवाह बताया है और कहा है कि पार्टी के सारे विधायक एकजुट हैं.
वहीं बीजेपी ने आरोप लगाया है कि इस सत्र का असली मकसद विश्वास प्रस्ताव लाकर अगले 6 महीने के लिए सरकार को सुरक्षित करने का है क्योंकि आम आदमी पार्टी के अधिकांश विधायक पार्टी के साथ नहीं हैं.
बीजेपी ने लगाया ये आरोप
भारतीय जनता पार्टी के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया है कि इस सत्र के जरिए विश्वास प्रस्ताव लाकर सरकार छह महीने का समय लेना चाहती है, क्योंकि एक बार यह प्रस्ताव पास हो जाने के बाद छह महीने तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता.
कांग्रेस ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस के दिन विशेष सत्र बुलाने का वास्तविक उद्देश्य पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश मात्र है. वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा है कि कल जो विधानसभा का विशेष सत्र है वो लेबर डे की आड़ में ड्रामा है. उनके मुताबिक इसके बहाने कॉन्फिडेंस मोशन सरकार लाएगी. एक आम आदमी पार्टी का विधायक उठेगा और कहेगा कि हम भगवंत मान की सरकार में पूरा विश्वास जताते हैं.
'पंजाब में लग सकता है राष्ट्रपति शासन'
सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि असल में इस सरकार के पास बहुमत नहीं है और पिछले कल जालंधर में असल में 65 विधायक थे पर अगर राज्यपाल के पास विधायकों की परेड होगी तो इतने विधायक भी नहीं आयेंगे. उन्होंने दावा किया कि पंजाब में एक दो महीने में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा.
बहुमत खो चुकी है आप सरकार- शिअद
वहीं शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार असल में बहुमत खो चुकी है.
उन्होंने कहा कि अगर राज्यपाल स्वतंत्र तरीके से इस बात को वेरिफाई करेंगे तो ये साफ हो जाएगा कि इस सरकार के पास बहुमत नहीं हैं. उनके मुताबिक पिछले कल जालंधर में बैठक में 65 विधायक थे. ये विधायक भी पुलिस के बल पर या विजिलेंस ब्यूरो का डर दिखाकर कर लाए गए थे.
2022 में सरकार ने पेश किया था विश्वास मत
इससे पहले अक्टूबर 2022 में भी आम आदमी पार्टी सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत पेश किया था. उस समय पार्टी ने बीजेपी पर राज्य में 'ऑपरेशन लोटस' चलाकर विधायकों को तोड़ने की कोशिश का इल्जाम लगाया था और इसीलिए विश्वास मत सदन में लाया गया था.
























