पंजाब से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने मानसून सत्र से पहले कर दी बड़ी मांग, दिलाई 2024 की याद
Parliament Monsoon Session 2026: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि 2024 में लोगों ने जो जनादेश दिया था, तब और आज के लोकसभा के स्वरूप में काफी अंतर आ चुका है.

संसद का मानसून सत्र सोमवार (20 जुलाई) से शुरू होने वाला है. सत्र के दौरान कई अहम विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है. विपक्षी दल कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में जुटे हैं. इस बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने दल-बदल विरोधी नए कानून की तत्काल आवश्यकता जोर देते हुए इस पर विचार-विमर्श करने की मांग की है. उन्होंने अवसरवाद की सियासत का जिक्र करते हुए कहा कि लोकसभा का मौजूदा स्वरूप 2024 के जनादेश के बिल्कुल उलट है.
अवसरवाद की सियासत को बंद करना चाहिए- मनीष तिवारी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, "2024 में लोगों ने जो जनादेश दिया था, तब और आज के लोकसभा के स्वरूप में काफी अंतर आ चुका है. यह अंतर पिछले 4 महीनों में आया है. संसद को सारा काम छोड़कर इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि देश को एक नया दल-बदल विरोधी कानून चाहिए. अवसरवाद की सियासत को बंद करना चाहिए."
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'हमने जो राजनीतिक घटनाक्रम देखे, उनसे लोकतंत्र को सिर्फ नुकसान हुआ'
उन्होंने आगे कहा, ''इस मानसून सत्र में संसद की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि वह बाकी सभी कामकाज रोककर दल-बदल विरोधी नए कानून की तत्काल आवश्यकता पर विचार-विमर्श करे. हमें संसद और राज्य विधानसभाओं के भीतर और बाहर इस बात पर संतुलन बनाना होगा कि वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेदों को कैसे जाहिर किया जाए. हमने जो राजनीतिक घटनाक्रम देखे हैं, उनसे भारत और उसके लोकतंत्र को सिर्फ नुकसान ही पहुंचा है."
मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार ने रविवार को सभी राजनीतिक दलों की सर्वदलीय बैठक बुलाई. यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली. पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने इस बैठक में हिस्सा लिया और अलग-अलग मसलों पर अपनी बात रखी. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने सभी विपक्षी पार्टियों से मानसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही सुचारू रूप चलने देने की अपील भी की.
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