पंजाब: पेपर लीक मामला गरमाया, छात्र आंदोलन में शामिल होंगे चन्नी
Punjab Paper Leak: जालंधर से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ऐलान किया है कि वो बुधवार (29 जुलाई) को फरीदकोट जायेंगे और छात्र आंदोलन में शामिल होकर उनका साथ देंगे

पंजाब में 19 जुलाई को हुए फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती परीक्षा के दौरान हाई टेक नकल और धोखाधड़ी का मामला गरमाता जा रहा है. यहां सरकार के खिलाफ छात्रों का गुस्सा बढ़ रहा है और राजनीतिक पार्टियां इस अवसर को भुनाने में लगी हैं. बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
इस बीच जालंधर से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ऐलान किया है कि वो बुधवार (29 जुलाई) को फरीदकोट जायेंगे और छात्र आंदोलन में शामिल होकर उनका साथ देंगे. यह ऐलान उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में किया है.
फरीदकोट जायेंगे चन्नी
उन्होंने मंगलवार को पोस्ट में लिखा, 'मैं कल फरीदकोट जा रहा हूं ताकि पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे हमारे छात्रों का साथ दे सकूं. अब जवाबदेही और सभी के लिए समान अवसरों की मांग करने का समय आ गया है.' उन्होंने इसके साथ ही बताया है कि वो बुधवार (29 जुलाई) सुबह 11 बजे फरीदकोट जायेंगे. इसके अलावा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किये थे. वहीं, मंगलवार (28 जुलाई) को संसद के मानसून सत्र के दौरान मकर द्वार पर बीजेपी सांसदों ने और SAD ने पंजाब में AAP के खिलाफ प्रदर्शन किया और बैंस के इस्तीफे की मांग की.
Heading to Faridkot tomorrow to stand with our students protesting against paper leaks. It's time to demand accountability and fair opportunities for all.
— Charanjit Singh Channi (@CHARANJITCHANNI) July 28, 2026
11:00 AM, 29th July, Faridkot
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 19 जुलाई 2026 को 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए भर्ती परीक्षा हुई थी. यह परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) ने आयोजित की थी. परीक्षा के शुरू होने के कुछ ही देर बाद कुछ छात्र परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल कर चीटींग करते पकड़े गे थे. इस परीक्षा में हाई-टेक चीटिंग और पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों में आक्रोश है और इसके खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी है. छात्र संगठन फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर रहा है. छात्रों की मांग है कि राज्य सरकार सख्त 'एंटी-पेपर लीक कानून' बनाए और ऐसी परीक्षा प्रणाली लागू करे जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा एक बार फिर से परीक्षा व्यवस्था पर बहाल हो सके.
AAP ने पेपर लीक से किया इंकार
हालांकि, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवार और सीएम भगवंत मान लगातार इन आरोपों पर सफाई दे रहे हैं. AAP का कहना है कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है और नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है. भगवंत मान ने तो मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब में हमारी सरकार के साढ़े चार साल पूरे हो गए हैं, लेकिन यहां एक भी पेपर लीक नहीं हुआ. ब्लूटूथ से चीटिंग का मामला सामने आते ही तुरंत पुलिस ने एक्शन लिया और आरोपियों को जेल में डाल दिया.
भगवंत मान का कहना है कि पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में मान ने बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर इस मामले पर राजनीति करने के आरोप भी लगाए हैं.
पंजाब में कब-कब हुए पेपर लीक? शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
























