नशामुक्त पंजाब के लिए मान सरकार ने उठाया कदम
नशेड़ियों और नशे का व्यापार करने वालों से निपटने के लिए मान सरकार नए तौर तरीके अपना रही है.

नशीले पदार्थों पंजाब की एक पूरी पीढ़ी का नुकसान किया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सत्ता में आते ही, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू कर दी. पंजाब में ऐसे कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिनसे नशे के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता मिल रही है. नशे के खिलाफ पंजाब सरकार का अभियान जारी है.
नशा विरोधी हेल्पलाइन
पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए मान सरकार तेजी से काम कर रही है. नशामुक्ति के लिए पंजाब में क्लीनिक खोले जा रहे हैं. राज्य के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और सेलेब्रिटी कलाकारों द्वारा नशा छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
पंजाब में नशीली दवाओं के उपयोग को खत्म करने और असहाय नशेड़ियों को मेडिकल हेल्प देने के लिए मान सरकार ने नशा विरोधी हेल्पलाइन और व्हाट्सएप चैटबॉट (9779100200) शुरू किया है.
एसआईटीयू का गठन
नशेड़ियों और नशे का व्यापार करने वालों से निपटने के लिए मान सरकार नए तौर तरीके अपना रही है. नशे से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई हो, इसके लिए मान सरकार अत्याधुनिक खुफिया टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रही है.
नशा और नशा तस्करों के खिलाफ पंजाब पुलिस को मजबूती देने के लिए मान सरकार ने एसएएस नगर में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय में अत्याधुनिक खुफिया और तकनीकी इकाई (एसआईटीयू) का गठन किया है.
मान सरकार उठा रही नए कदम
पंजाब में व्यापक नशामुक्ति अभियान के लिए 529 से अधिक ओओएटी क्लीनिक और 306 से अधिक पुनर्वास केंद्रों का मजबूत नेटवर्क बनाया गया है. इससे नशे से पीड़ित लोगों को सहारा देकर उन्हें वापस सामान्य जीवन में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं. उनको विभिन्न कामों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ताकि वह अपनी आजीविका का इंतजाम कर सकें.
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