भारतीय सेना की एयर स्ट्राइक पर कांग्रेस के पृथ्वीराज चव्हाण ये क्या बोल गए, ‘ऑपरेशन को नाम देने से फर्क नहीं, दिखाना होगा कि…’
Operation Sindoor: कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि भावनाओं के बल पर युद्ध नहीं जीता जा सकता और पूछा कि क्या सरकार ने भावनात्मक लाभ के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम चुना है.

India Strikes in Pakistan: 'ऑपरेशन सिंदूर' पर महाराष्ट्र में कांग्रेस वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि 'सिंदूर शब्द से बहुत सारी भावनाएं जुड़ी हैं, लेकिन युद्ध भावनाओं से नहीं जीता जा सकता. इसे हथियारों और गोला-बारूद से जीता जाता है. ऑपरेशन सिंदूर नाम सरकार ने भावनात्मक लाभ हासिल करने के लिए चुना था, लेकिन इससे जमीनी स्तर पर कोई फायदा नहीं होगा.'
पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि अभियान के नाम मायने नहीं रखते. ऑपरेशन को नाम देने से कोई फर्क नहीं पड़ता, अंततः आपको पाकिस्तान जाना होगा और दिखाना होगा कि आपने आतंकवादी शिविरों को नष्ट कर दिया है.
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने के बाद सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए लोगों के साथ नियमित रूप से विवरण साझा करना चाहिए.
'ऑपरेशन सिंदूर' के नाम पर टिप्पणी करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युद्ध बंदूकों, विमानों और बमों का इस्तेमाल करके लड़ा जाता है, न कि प्रतीकात्मकता या भावनाओं के जरिए. उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं और झूठे एजेंडे के प्रसार से बचने के लिए सरकार को लोगों के साथ नियमित रूप से विवरण साझा करना चाहिए."
VIDEO | Operation Sindoor: Here's what Senior Congress leader Prithviraj Chavan (@prithvrj) said:
— Press Trust of India (@PTI_News) May 7, 2025
"Yes, there are a lot of sentiments attached to the word 'sindoor', but a war cannot be won by emotions. It is won with arms and ammunition. The name 'Operation Sindoor' was picked… pic.twitter.com/H8qBGqwKPz
युद्ध बम, बंदूक और विमानों से लड़ा जाता है- पृथ्वीराज चव्हाण
जब उनसे 'ऑपरेशन सिंदूर' के कोड नाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार ने सोचा होगा कि उन्हें कुछ 'भावनात्मक लाभ' मिलेगा. उन्होंने कहा, "युद्ध बम, बंदूक और विमानों से लड़ा जाता है, न कि प्रतीकात्मकता या दिखावटी कार्यों से. अभियान के नाम से युद्ध नहीं जीता जा सकता. अभियान का नाम ठीक है. भारत सरकार ने सोचा होगा कि अभियान को यह नाम (सिंदूर) देने से उन्हें कुछ भावनात्मक लाभ मिल सकता है."
उन्होंने ने सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए अभियान पर दो महिला रक्षा अधिकारियों की ओर से मीडिया को जानकारी देने का स्वागत किया. जब उन्हें याद दिलाया गया कि कुछ विपक्षी दलों ने अतीत में हवाई हमले का सबूत मांगा था, तो चव्हाण ने कहा कि क्योंकि दुनिया को आपके किसी भी कार्य का सबूत चाहिए होता है, उसे ठोस सबूत की जरूरत होती है.
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Source: IOCL





















