मुंबई में गणेशोत्सव की धूम, राम मंदिर की थीम पर सजा अंधेरीचा राजा का दरबार
मुंबई में गणेशोत्सव पर राम मंदिर की झलक देखने को मिली है. दरअसल राम मंदिर की प्रतिकृति में गणपति बप्पा विराजे हैं. अंधेरी के राजा के गणपति पंडाल में सेलिब्रिटीज के लिए ड्रेस कोड भी लागू किया गया.

महाराष्ट्र में 11 दिनों तक गणेशोत्सव बड़े ही भव्य और उत्साह के साथ मनाया जाता है. बड़े-बड़े पंडालों में खूबसूरत झांकियां तैयार कर उनमें भव्य गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं. बता दें कि महाराष्ट्र का सबसे बड़ा पर्व गणेशोत्सव है. सिर्फ मुंबई में छोटे-बड़े करीब 15,000 सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल भव्य रूप से उत्सव मनाते हैं.
इनमें लालबागचा राजा, मुंबईचा राजा, अंधेरीचा राजा और चिंचपोकली के चिंतामणि जैसे बेहद भव्य और प्रसिद्ध गणपति पंडाल शामिल हैं. मुंबई और उसके उपनगरों में हर साल 2 लाख से ज्यादा घरों में श्रद्धालु गणेश प्रतिमा की स्थापना करते हैं.
मुंबई में गणेशोत्सव की धूम है. अंधेरीचा राजा जिस पंडाल में विराजमान हैं, वह इस बार बेहद खास है. इस वर्ष पंडाल की थीम अयोध्या के भव्य राम मंदिर पर आधारित है. राम मंदिर की प्रतिकृति वाले इस पंडाल में गणपति बप्पा विराजमान हैं.
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राम मंदिर की वास्तुकला बेहतरीन तरीके से पेश
पंडाल में प्रवेश करते ही अयोध्या के राम मंदिर की वास्तुकला और भव्यता को बेहद खूबसूरत तरीके से प्रस्तुत किया गया है. ऐसा लगता है मानो अयोध्या का राम मंदिर ही मुंबई में साकार हो उठा हो. अंधेरीचा राजा के प्रवक्ता उदय सालियांन ने बताया कि श्रीराम की नगरी अयोध्या और मुंबई का गणेशोत्सव—दोनों की आस्था यहां एक ही परिसर में नजर आती है.
उन्होंने यह भी बताया कि भव्य राम मंदिर की पृष्ठभूमि में गणपति बप्पा विराजमान हैं. यानी एक तरफ अयोध्या के रामलला की भक्ति का भाव है, तो दूसरी तरफ विघ्नहर्ता गणेश की आराधना. उन्होंने कहा कि इस पूरी भव्यता के बीच संदेश बिल्कुल सरल है. आस्था की कोई सीमा नहीं होती.
अयोध्या से लेकर मुंबई तक भगवान के प्रति श्रद्धा हर दिल में एक जैसी है. मुंबई में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए अंधेरीचा राजा के इस राम मंदिर थीम वाले दरबार का दर्शन एक खास अनुभव है.
अंधेरीचा राजा के लिए ड्रेस कोड
मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित अंधेरीचा राजा के पंडाल में श्रद्धालुओं के लिए हर साल की तरह इस वर्ष भी ड्रेस कोड जारी किया गया है. पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शॉर्ट्स और हाफ पैंट पहनकर आने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा. महिलाओं और लड़कियों के लिए भी शॉर्ट्स और स्कर्ट पहनकर आने पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.
हालांकि, विकल्प के तौर पर पारंपरिक लुंगी उपलब्ध कराई जाएगी. अंधेरीचा राजा के प्रवक्ता उदय सालियान ने बताया कि श्रद्धालुओं को सांस्कृतिक और पारंपरिक परिधान में आने की सलाह दी गई है. इसके अलावा टी-शर्ट पर आपत्तिजनक चित्र या लिखावट होने पर भी प्रवेश निषिद्ध किया जा सकता है.
अंधेरीचा राजा का साढ़े 23 करोड़ रुपये का बीमा
गणेशोत्सव के दौरान गणपति प्रतिमा की स्थापना, प्रसाद, महंगे सेट, गीत-संगीत के सेटअप के साथ-साथ सार्वजनिक पंडालों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद अहम होती है. सुरक्षा के उद्देश्य से मुंबई के गणेशोत्सव मंडल बीमा कराने को लेकर इस बार भी खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं. बड़े गणपति पंडालों ने बड़ी रकम अदा कर करोड़ों रुपये का बीमा कराया है.
अंधेरीचा राजा को विराजमान करने वाले मंडल ने अपने पंडाल, गणपति प्रतिमा और आभूषणों सहित कुल साढ़े 23 करोड़ रुपये का बीमा कराया है. यह बीमा करीब तीन महीने तक वैध रहता है. यानी मंडप बनाने की शुरुआत से लेकर अरब सागर में गणपति बप्पा के विसर्जन तक बीमा कवर लागू रहता है.
इसके लिए मंडल ने करीब 2 लाख रुपये का प्रीमियम अदा किया है. उदय सालियांन ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि अंधेरीचा राजा के रूप में विराजमान होने वाले विघ्नहर्ता के दर्शन के लिए नेता-अभिनेता सहित उद्योग जगत की कई जानी-मानी हस्तियां आती हैं.
बीमा के दायरे में भगवान गणेश को चढ़ाए जाने वाले आभूषण, पंडाल के सेट और सजावटी सामान शामिल हैं. इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान, किसी भी प्रकार की अनहोनी या हादसे और किसी भी तरह के हमले से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए भी बीमा कराया गया है.
साल 2062 तक मूर्ति स्थापना की बुकिंग
अंधेरीचा राजा की एक खास विशेषता यह है कि यहां गणपति की मूर्ति उन भक्तों द्वारा स्थापित की जाती है, जिनकी मनोकामना पूरी होती है. मूर्ति स्थापना के लिए साल 2062 तक बुकिंग हो चुकी है. हालांकि, लॉटरी के जरिए फिलहाल साल 2040 तक के नाम घोषित किए गए हैं. अंधेरी के राजा का विसर्जन 11 दिन यानी अनंत चतुर्थी के दिन ना होकर 21 दिन पर किया जाता है.
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