MP: प्रेमानंद महाराज को अपनी किडनी देने के लिए मुस्लिम युवक तैयार, लिखा पत्र, बताई वजह
MP News: इटारसी के आरिफ खान ने संत प्रेमानंद महाराज को किडनी डोनेट करने का फैसला किया है. आरिफ एक दुकान में कोरियर का काम करते हैं और उन्होंने प्रेमानंद महाराज के साथ जिला प्रशासन को भेजा है.

जब नेक इरादे हो तो दो मजहब के बीच किसी भी दीवार की जगह नहीं होती. इसी को लेकर मध्य प्रदेश के इटारसी के रहने वाले आरिफ ने ही कुछ करने की ठानी है. आरिफ ने हिंदू संत प्रेमानंद महाराज को अपनी किडनी डोनेट करने का मन बना लिया है. उन्होंने इस संबंध में एक पत्र प्रेमानंद महाराज और जिला प्रशासन को भेजा है.
वह चाहते हैं कि कोमी एकता के क्षेत्र में प्रवचन देने वाले प्रेमानंद महाराज की आयु दीर्घ हो और वह हिंदुस्तान को हिंदुस्तान बनाए रखने में विशेष योगदान दें और देश में प्रेम और सौहार्द का संदेश फैलाते रहें.
कौन हैं आरिफ खान?
आरिफ खान एक साधारण युवक हैं, जो इटारसी में एक छोटी कोरियर दुकान चलाते हैं. आर्थिक स्थिति साधारण होने के बावजूद उनकी सोच बड़ी है. आरिफ का कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज के प्रवचन देखे, जिनमें वे कौमी एकता और सभी धर्मों में प्यार फैलाने की बात करते हैं. इन विचारों से प्रभावित होकर आरिफ ने यह साहसिक निर्णय लिया.
क्यों देना चाहते हैं किडनी?
आरिफ का कहना है कि जब प्रेमानंद महाराज दो मजहबों के बीच मोहब्बत और भाईचारे की बात करते हैं तो उन्हें सुकून मिलता है. वे मानते हैं कि इस तरह के संत देश को जोड़ते हैं और नफरत को मिटाते हैं. आरिफ चाहते हैं कि महाराज स्वस्थ रहें और अपनी वाणी से हिंदुस्तान को जोड़ते रहें. यही कारण है कि वे अपनी किडनी को एक छोटी सी भेंट मानकर प्रेमानंद महाराज को देना चाहते हैं.
देश के लिए संदेश
आरिफ का यह कदम कौमी एकता की मिसाल बन रहा है. उन्होंने यह साबित किया है कि धर्म की दीवारें केवल सोच में होती हैं, दिलों में नहीं. यदि देश में हर व्यक्ति आरिफ की तरह सोचे तो मोहब्बत और भाईचारे का माहौल बनेगा और नफरत की जगह इंसानियत का राज होगा. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सच्चा हिंदुस्तान वही है जहां इंसानियत सबसे ऊपर है.






















