BJP सांसद निशिकांत दुबे ने ली चुटकी, 'महुआ मोइत्रा मेरी अब भाभी हैं, TMC के हारने के बाद...'
West Bengal Election Result 2026: बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद महुआ मोइत्रा का पुराना एक्स पोस्ट शेयर करते हुए निशिकांत दुबे ने तंज किया है.

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा के एक एक्स पोस्ट का जिक्र कर उन पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि पिनाकी मिश्रा उनके पुराने दोस्त है इसलिए महुआ मोइत्रा उनकी भाभी हैं. बीजेपी सांसद ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश के नव नियुक्त राजदूत से आग्रह किया है कि महुआ मोइत्रा के लिए ढाका में जमदानी साड़ी का शोरूम या साड़ी का बुनकर केंद्र खुलवा दें.
'सीधे महुआ जी के दुकान से साड़ी मिलेगी'
एक्स पोस्ट में टीएमसी सांसद का पोस्ट शेयर करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, "मैंने महुआ जी के इस ट्वीट पर गहन चिंतन किया. पिनाकी मिश्रा जी मेरे पुराने दोस्त हैं इसलिए महुआ मोइत्रा जी मेरी अब भाभी हैं,बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव हारने के बाद मैंने बांग्लादेश के नव नियुक्त राजदूत दिनेश त्रिवेदी जी से आग्रह किया है कि महुआ भाभी के लिए ढाका में जमदानी साड़ी का शोरूम या साड़ी का बुनकर केंद्र खुलवा दें. किसी को भी किसी से पूछने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी,सीधे महुआ जी के दुकान से साड़ी मिलेगी."
मैंने महुआ जी के इस ट्वीट पर गहन चिंतन किया . पिनाकी मिश्रा जी मेरे पुराने दोस्त हैं इसलिए महुआ मोइत्रा जी मेरी अब भाभी हैं,बंगाल में @AITCofficial के चुनाव हारने के बाद मैंने बांग्लादेश के नव नियुक्त राजदूत @DinTri जी से आग्रह किया है कि महुआ भाभी के लिए ढाका में जमदानी साडी का… pic.twitter.com/0WDuUE8evL
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) May 5, 2026
महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में क्या कहा था?
दरअसल, 1 मई को अपने एक्स पोस्ट में महुआ मोइत्रा ने कहा था, "बीजेपी के पेशेवर उपद्रवी सांसद हमें बांग्लादेशी और रोहिंग्या कहते हैं, जबकि उनकी पत्नी उनके साथ बंगाल में चुनाव प्रचार करती हैं और लोगों को फोन करके पूछती हैं कि उन्हें 'असली ढाकाई जामदानी' साड़ियां कहां मिल सकती हैं! बीजेपी का असली चेहरा!" उनके इसी पोस्ट पर निशिकांत दुबे ने पलटवार किया है.
बंगाल में टीएमसी की करारी हार
बता दें कि 4 मई को घोषित नतीजों में टीएमसी को बंगाल में करारी हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत हासिल की. टीएमसी का आंकड़ा 80 पर सिमट कर रह गया. खुद ममता बनर्जी अपनी सीट (भवानीपुर) नहीं बचा पाईं और सुभेंदु अधिकारी ने उन्हें हरा दिया.























