'सद्दाम हुसैन भी नहीं बच पाया था', CEC विवाद के बीच RJD से बड़ा बयान
आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने जेन-जी और युवाओं से सड़क पर उतरने को कहा है. उन्होंने मीडिया से कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाएंगे नहीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है. इस पूरे विवाद के बीच आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने सोमवार (12 अक्टूबर, 2026) को पटना में मीडिया से कहा कि सरकार की हालत सद्दाम हुसैन से भी बुरी होगी. सद्दाम ने भी लोगों को कुचला था. हत्या करवाई थी तो क्या सद्दाम बच गए? ये लोकतांत्रिक देश है.
भाई वीरेंद्र ने कहा, "देश की आजादी में हिंदू-मुस्लिम, सिख-इसाई सबने कुर्बानी दी है. आजाद तो हुआ, लेकिन अब एनडीए, बीजेपी और आरएसएस से आजाद कराना है. जनता तय कर चुकी है कि ऐसी सरकार को हम कान पकड़कर बाहर करेंगे. जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाएंगे नहीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा."
'फांसी की सजा दीजिए चाहे बाद में...'
पत्रकारों के एक सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि पूरे देश में स्थिति गंभीर है. हर कोई सीईसी को हटाना चाहता है. जिसने लोगों को मताधिकार के प्रयोग से मना किया, नाम काटा, केवल उसे हटाना है. फांसी की सजा दीजिए चाहे बाद में जो दीजिए, लेकिन अभी तत्काल प्रभाव से हटा देना चाहिए.
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दिल्ली के प्रदर्शन को लेकर आरजेडी विधायक ने कहा, "जिस तरह से लाठीचार्ज हो रहा है… आरएसएस और बीजेपी के लोग हमला कर दे रहे हैं… महिलाओं को पटककर मारा जा रहा है… इस तरह का अत्याचार किया जा रहा है… जेन-जी और नौजवानों से कहना चाहूंगा कि देश का भविष्य आपके कंधों पर है… सड़क पर उतरें और ऐसी सरकार को कान पकड़कर बाहर करें…"
एमएलसी चुनाव में किया जीत का दावा
दूसरी ओर बिहार एमएलसी चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि एनडीए ने ताकत झोंक दी है तो हम लोगों ने भी ताकत झोंक दी है. हमारी जीत होगी. एक सवाल पर कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं है. हम चुनाव जीत रहे हैं चाहे वो स्नातक का हो या शिक्षक का, लोग एनडीए से ऊब चुके हैं.
चिराग को बेटा, मांझी को बताया गार्जियन
भाई वीरेंद्र से पूछा गया कि चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच घमासान मचा हुआ है. इस पर कहा, "हम कुछ भी कहेंगे तो ये लोग दूसरे एक्ट में केस कर देंगे… दोनों को अपने लड़ने दीजिए. एक मेरा बेटा तुल्य है… दूसरे गार्जियन हैं, हम लड़वाना नहीं चाहते हैं. दोनों से मैं कहूंगा कि लोकतंत्र को बचाना है तो दोनों लोग इस्तीफा दें. जेन-जी के साथ आइए."
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