'ज्ञानेश कुमार को इतना…', RJD सांसद मनोज झा का दो टूक जवाब
आरजेडी सांसद मनोज झा का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ब्लिंकिट का काम कर रहे हैं. आप प्रोटोकॉल की बात कर रहे हैं? आपने कौन सा प्रोटोकॉल रखा है?

दिल्ली में विपक्षी सांसदों ने बीते मंगलवार (06 अक्टूबर) को विरोध मार्च निकाला था. देर शाम में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया. बाद में छोड़ दिया गया. लगातार हो रही राजनीति के बीच आरजेडी सांसद मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर हमला किया है.
बुधवार (07 अक्टूबर, 2026) को सांसद मनोज झा ने कहा, "ज्ञानेश जी को इतना अहंकार और 'मुझे मत छुओ' वाला एटीट्यूड… ये कहां से आता है? आप हमें सरकार मुहैया कराते हैं… ब्लिंकिट का काम कर रहे हैं.. कि अच्छा ये वाली सरकार चाहिए… दे रहे हैं… तो ये गुनाह है… कभी-कभी संकेत में संदेश होता है…. और वो संदेश चला गया. ये सिलसिला थमेगा नहीं…"
मनोज झा ने आगे कहा, "हम क्या उनकी तारीफ में कसीदे पढ़ने जा रहे थे? आप प्रोटोकॉल की बात कर रहे हैं? आपने कौन सा प्रोटोकॉल रखा है? सैकड़ों पत्र तो हमने लिखा है… आपके अहंकार की बानगी आपके साथ हम मीटिंग में देख चुके हैं. आपका ढांचा ढह रहा है…"
#WATCH | Delhi | RJD MP Manoj Jha says, "...Where does Gyanesh-ji's arrogance and "touch-me-not" attitude—that "you can't do anything to me"—come from? It stems from the immunity granted to him. Why was it granted?... We were demanding that they acknowledge their dishonesty...I have written hundreds of letters, yet you don't even provide an acknowledgment. We have witnessed examples of your arrogance during meetings. Your structure is collapsing..."
— ANI (@ANI) October 7, 2026
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'ज्ञानेश कुमार बाहर क्यों नहीं आए?'
उधर आरजेडी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी कई सवाल उठाए हैं. प्रियंका भारती ने एक्स पर पोस्ट किया है, "ज्ञानेश कुमार बाहर क्यों नहीं आए, खुद क्यों नहीं आकर सवालों के जवाब दिए? मिलने से घबरा क्यों रहे हैं?"
प्रियंका ने कहा, "सवाल है कि ज्ञानेश कुमार किस मुंह से मिलेंगे? क्या बोलेंगे, मैंने किसके कहने पर SIR किया, किसके कहने पर Form-6 बदला और किसके कहने पर अपनी मनमानी की? मिलने की हिम्मत होती तो खुद चलकर मिलने आते! खासकर अपनी धमकी भरी भाषा को टोन डाउन करके… लेकिन ज्ञानेश भागे-भागे फिर रहे हैं. अब उन्हें और उनके आका को जेल भेजे बिना देश के लोकतंत्र को बचाना असंभव है…"
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