मोहन भागवत को देश में अशांति की आशंका, मनोज झा बोले- यह गांधी का देश...
मोहन भागवत के सत्ता परिवर्तन और आंदोलनों वाले बयान पर मनोज झा ने कहा कि भारत गांधी का देश है. बीजेपी नेता गुरु प्रकाश पासवान ने युवाओं और कंटेंट को लेकर भागवत की चिंता का समर्थन किया.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में विजयादशमी भाषण पर कई आशंकाएं जताई हैं. उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी ताकतें आंदोलनों के जरिए देश में अशांति और भारत को कमजोर करने का काम कर रही हैं. इस पर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि भारत महात्मा गांधी का देश है और गांधी के आंदोलनों के जरिए सत्ता की निरंकुशता को चुनौती दी जाती रहेगी. वहीं, बीजेपी नेता गुरु प्रकाश पासवान ने भागवत की युवाओं और सामाजिक चिंताओं से जुड़ी टिप्पणियों का समर्थन किया.
मनोज कुमार झा ने कहा, “मोहन भागवत बिल्कुल परेशान न हों, यह गांधी का देश है.” उन्होंने आरोप लगाया कि संघ की विचारधारा गांधी के विरुद्ध खड़ी रही है. झा ने कहा, “फ्रांस के पास गांधी नहीं, अल्बानिया में गांधी नहीं, हमारे पास गांधी हैं.”
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उन्होंने गांधी के असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन का जिक्र किया. झा ने कहा, “हम अपने प्रतिमान के आधार पर अपनी सत्ता की निरंकुशता को चैलेंज करते रहेंगे.” उन्होंने भागवत से कहा कि वे अपने डर की तुलना अराजकता से न करें.
पटना, बिहार: राजद सांसद मनोज कुमार झा ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा, "मोहन भागवत बिल्कुल परेशान न हों, यह गांधी का देश है। शायद आप लोग नहीं मानते होंगे, मैं जानता हूं, क्योंकि आपकी विचारधारा गांधी के विरुद्ध खड़ी है, खिलाफ खड़ी है। यह गांधी का देश है। फ्रांस के पास गांधी नहीं, अल्बानिया में गांधी नहीं, हमारे पास गांधी हैं। गांधी का असहयोग आंदोलन हमारा प्रतिमान है, गांधी का सविनय अवज्ञा आंदोलन हमारा प्रतिमान है, गांधी का 'भारत छोड़ो' आंदोलन हमारा प्रतिमान है। हम अपने प्रतिमान के आधार पर अपनी सत्ता की निरंकुशता को चैलेंज करते रहेंगे। आप अपने डर को उस तरह की अराजकता से कम्पेयर न करें। धन्यवाद आपका।"
— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 20, 2026
भागवत ने आंदोलनों और सत्ता परिवर्तन पर क्या कहा?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 20 अक्टूबर को नागपुर में विजयादशमी उत्सव के दौरान देश-दुनिया में हो रहे प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन की कोशिशों पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि विकास के दौर में समस्याएं और उनके चलते आंदोलन होना स्वाभाविक है. लेकिन आंदोलनों का उद्देश्य समस्याओं का समाधान होना चाहिए, न कि समाज में अनबन, द्वेष और विभाजन पैदा करना.
भागवत ने कहा कि केवल सत्ता या सरकार बदलने से परिस्थितियां नहीं बदल जातीं. उन्होंने फ्रांस, बांग्लादेश, नेपाल और अल्बानिया की घटनाओं का जिक्र करते हुए भारत में भी ऐसी कोशिशों को लेकर चिंता जताई. उनके मुताबिक, पश्चिम से ऐसी आंधी चली है, जो व्यवस्था और संस्कृति को नुकसान पहुंचाना चाहती है.
गुरु प्रकाश पासवान ने भागवत की बातों का किया समर्थन
बीजेपी नेता गुरु प्रकाश पासवान ने भागवत के बयान का समर्थन किया. उन्होंने कहा, “दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है और उसके प्रमुख कुछ कहते हैं तो समाज की चिंता होती है.” पासवान ने ओटीटी प्लेटफॉर्म, नशे की लत और युवाओं की ओर से देखे जा रहे कंटेंट का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज का युवा जिस तरह का कंटेंट देख रहा है, उसे लेकर कुछ व्यवस्थाएं होनी चाहिए. उन्होंने इस तरह के कंटेंट को नियमित करने की जरूरत पर जोर दिया.
पटना, बिहार: भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा, "दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है और उसके प्रमुख कुछ कहते हैं तो समाज की चिंता होती है। निश्चित रूप से ओटीटी हो, नशे की लत हो, जिस प्रकार का कंटेंट आज का युवा कंज्यूम कर रहा है, उस पर कुछ न कुछ तो व्यवस्थाएं होनी चाहिए, उसको नियमित करने की।"
— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 20, 2026
मनोज झा ने विजयादशमी पर दिया एकता का संदेश
मनोज कुमार झा ने विजयादशमी की शुभकामनाएं भी दीं. उन्होंने कहा, “विजयादशमी एक संदेश लेकर आता है. पूरे देश को, बिहारवासियों को, सभी को असंख्य शुभकामनाएं.” उन्होंने कोलकाता और ग्वालियर में हुए दो हादसों पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों के लिए संबल की कामना की. झा ने कहा, “अंधेरा कभी भी स्थायी चीज नहीं होती है, उजाला आता है.”
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