Life Vs Earthquake : कौन ज़्यादा झटके दे रहा है | Open Letter
Episode Description
कल दिन में बैठे बैठे जब सबकुछ हिला, तो वाकई माथा हिल गया ! छोले भटूरे खा के जिन्होंने नींद ली थी उनके लिए अलार्म क्लॉक बन गया और इसीलिए आज लेकर के आ गयी हूँ Open Letter भूकंप के नाम !
मैं मानसी हूँ आपके साथ लेकर Open Letter सिर्फ Abp Live Podcasts पर
Dear भूकंप,
मेरी लाइफ और earthquake के बीच में, मैं हमेशा कंफ्यूज रहती हूँ समझ ही नहीं आता की कौन ज़्यादा झटके दे रहा है।
अपने CV में experience के कॉलम में सबसे ऊपर तुम्हारा नाम मैंने लिख दिया है। जितना एक्सपीरियंस मुझे भूकंप के झटके महसूस करने का है उतना मुझे वर्क एक्सपीरियंस नहीं! आपका आना, दिल घबराना, हमको हिलाके यूँ चले जाना, ये हमारे रूटीन में शामिल हो गया है। बड़े बड़े लोगों ने तो रोज़ मिलने वालों की लिस्ट में तुम्हारा नाम Permanentaly Add किया हुआ है। अब भूकंप से इतना मिलना होता है की अगर किसी हफ्ते नहीं आये तो परेशान हो जाते हैं की अब तक तो इसको आ जाना चाहिए था? फिर पता लगता है की आया तो था मगर देर रात जब हम सो रहे थे जिसके बाद अब Do not disturb के टैग पर Earthquake की गारंटी लगा देनी चाहिए। सुनिए Open Letter मानसी के साथ सिर्फ Abp Live Podcasts पर























