ये एक्सपर्ट के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले
लें. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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प्रोफेसर अमरीन सलाह देती हुई कहती हैं कि इसका सीधा विकल्प यही है कि आप कम मात्रा में फूड लें और उसे तुरंत खत्म करने की कोशिश करें. फोटोः गूगल फ्री
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ऐसे फूड खाने से आसानी से फूड प्वॉइजनिंग हो जाती है. इन बैक्टीरिया वाले फूड्स को खाने से पेट में ऐंठन, दस्त, उल्टी, मतली और भूख की कमी जैसी
समस्याएं तक बढ़ने लगती हैं. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें टेंप्रेचर के हिसाब से नहीं रखा गया है उनमें कैम्पिलोबैक्टर, साल्मोनेला, ई कोलाई और लिस्टरिया नामक बैक्टीरिया शामिल हो जाते हैं
जिससे फूड हाइजनिक नहीं रहता और सेहत के लिए खतरा बन जाता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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अमरीन का ये भी कहना है कि बहुत से फूड ऐसे होते हैं जिन्हें ठंडे तापमान की जरूरत होती है. ऐसे में जब उन्हें सामान्य तापमान पर रखा जाता है तो वे मेल्ट
होने लगते हैं या फिर अचानक खराब होने लगते हैं. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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प्रोफसर अमरीन का कहना है कि बहुत से लोगों को फूड बोर्न डिजीज होती हैं जिसका अहसास उन्हें बहुत लंबे समय बाद होता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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यूके की एस्टन यूनिवर्सिटी की प्रोफसर अमरीन बशीर का कहना है कि हम लोगों को ये अहसास ही नहीं होता कि डेजर्ट भी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो
सकते हैं. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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ये हम नहीं कह रहे बल्कि एक्सपर्ट दावा करते हैं कि ऐसा करने से आपको फूड प्वॉइजनिंग हो सकती है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा करना आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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आमतौर पर देखा गया है कि लोग आईसक्रीम पिघलने के बाद उसे जमाने के लिए वापिस फ्रीज में रख देते हैं. फोटोः गूगल फ्री इमेज