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Sheikh Hasina Political Asylum: शेख हसीना किन 5 देशों में राजनीतिक शरण लेने पर कर रही हैं विचार... क्या इनमें मुस्लिम देश भी शामिल?

Sheikh Hasina Political Asylum: शेख हसीना बांग्लादेश छोड़ने के बाद मौजूदा समय में भारत में ठहरी हैं, लेकिन वह राजनीतिक शरण पाने के लिए कई देशों में प्रयास कर रही हैं. इनमें मुस्लिम देश भी शामिल हैं.

Sheikh Hasina Political Asylum: शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि वह भारत से लंदन चली जाएंगी और उनको ब्रिटेन में राजनीतिक शरण हासिल हो जाएगी. लेकिन समय बीतने बाद यह लगभग तय हो गया है कि ब्रिटेन में शेख हसीना को राजनीतिक शरण नहीं मिलने वाली है. शेख हसीना ज्यादा दिनों तक भारत में नहीं रुक सकता हैं, ऐसे में उन्होंने अब अपने नए ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि 5 देश हैं, जिनपर अब हसीना की निगाहें टिकी हैं, लेकिन सभी देशों के साथ कुछ पेंच फंस रहा है. ऐसे में शेख हसीना कहां जाएंगी यह तय नहीं हो पा रहा है. 

लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि बांग्लादेश खुद एक मुस्लिम बहुल देश है और शेख हसीना के कई मुस्लिम देशों के साथ अच्छे संबंध रहे हैं, तो आखिर वह किसी मुस्लिम देश में क्यों नहीं जा रही हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि कई मुस्लिम देश शेख हसीना की सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं हैं, वहीं कुछ मुस्लिम देश बांग्लादेश की स्थितियों का हवाला देकर राजनीतिक शरण देने से मना कर सकते हैं. इसके बावजूद कुछ मुस्लिम देश हैं, जहां पर शेख हसीना जाने पर विचार कर सकती हैं. 

यहां हम इस बात को समझने का प्रयास कर रहे हैं कि आखिर किन पांच देशों में हसीना जाने पर विचार कर रही हैं. क्या इनमें मुस्लिम देश भी शामिल हैं और कहां पर दिक्कत आ रही है?

1. रूस
शेख हसीना के रूस से अच्छे तालुकात हैं, ऐसे में वह रूस में राजनीतिक शरण ले सकती हैं. लेकिन रूस में हसीना के साथ कई समस्याएं हैं, क्योंकि उनका बेटा अमेरिका में रहता है और रिश्तेदार इंग्लैंड से लेकर फिनलैंड तक रहते हैं. अमेरिका ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं, ऐसे में वह रूस में रहने की वजह से अपने बेटों और रिश्तेदारों से नहीं मिल पाएंगी. 

2. बेलारूस
शेख हसीना जिन पांच देशों पर विचार कर रही हैं, उनमें बेलारूस भी शामिल है. यह देश तब लिस्ट में आया जब ब्रिटेन ने राजनीतिक शरण देने से मना कर दिया. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि शेख हसीना बेलारूस जा सकती हैं, वहां पर हसीना का भतीजा भी रहता है. 

3. कतर
शेख हसीना के राजनीतिक शरण के लिए कतर भी एक बेहतर विकल्प हैं, क्योंकि बांग्लादेश और कतर के अच्छे संबंध हैं. इसके साथ ही कतर पहले भी राजनीतिक लोगों को शरण देता रहा है. मध्य पूर्व में होने की वजह से कतर बांग्लादेश के करीब भी है. यह हसीना के लिए सुरक्षित प्रवास हो सकता है. 

4. यूएई
संयुक्त अरब अमीरता से आ रही रिपोर्टों से संकेत मिले हैं कि शेख हसीना यूएई जाने पर विचार कर रही हैं. उन्होंने यूएई की सरकार से बातचीत शुरू की है. यूएई भी राजनीतिक हस्तियों को शरण देने के मामले में आगे रहा है. शेख हसीना के लिए एक सुरक्षित और अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन अभी यूएई के साथ बातचीत शुरुआत मात्र हुई है, कोई बड़ा अपडेट वहां से नहीं मिला है. 

5. फिनलैंड
शेख हसीना के लिए सबसे बेहतर विकल्प फिनलैंड का भी हो सकता है, क्योंकि फिनलैंड में हसीना के कई रिश्तेदार रहते हैं. फिनलैंड में किसी तरह का अमेरिकी या पश्चिमी प्रतिबंध नहीं रहेगा. ऐसे में वह आसानी से अपने बेटों और रिश्तेदारों से मिल सकेंगी. 

राजनीतिक शरण का मतलब
राजनीतिक शरण का मतलब ऐसे व्यक्तियों को अपने देश में सुरक्षा देना है, जो अपनी राजनीतिक गतिविधियों की वजह से असुरक्षित महसूस करने पर देश से भाग गए हों. इसको हम इस तरह से आसानी से समझ सकते हैं- मान लीजिए भारत का कोई नागरिक खुद को अपने देश में सुरक्षित नहीं महसूस करता तो वह किसी अन्य देश में राजनीतिक शरण मांग सकता है. पहले भी दुनियाभर के कई राजनीति लोग, लेखक और आंदोलनकारी राजनीतिक शरण लेते रहे हैं. 

यह भी पढ़ेंः Sajeeb Wajed Statement: 'शेख हसीना अभी मरी नहीं है', किसके बयान से बांग्लादेश की राजनीति में मच गई खलबली

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