एक्सप्लोरर

एक टीचर ने पीएफ के पैसे से खोली हॉकी एकेडमी, बन चुकी है इंटरनेशनल प्लेयर्स की नर्सरी

वाराणसी के रहने वाले शिक्षक गौरी शंकर सिंह ने अपने ओलंपियन बेटे को कैंसर लड़ते हुए देखा है. विवेक सिंह ने अपनी मौत से पहले अपने पिता के सामने यह इच्छा जाहिर की थी कि वे घर लौट कर बच्चों के लिए हॉकी एकेडमी खोलेंगे.

वाराणसी: आज भले इस शहर की पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के रूप में हो. लेकिन यह शहर अपने हॉकी के ओलंपिक स्टार्स के लिए जाना जाता रहा है. मोहम्मद शाहिद और विवेक सिंह दो ऐसे प्लेयर हैं जिन्हें वाराणसी के लोग कभी भुला नहीं पाएंगे. खास बात यह है कि दोनों प्लेयर वरुणा पार इलाके के रहने वाले थे. आज भले ही दोनों ओलंपिक स्टार्स आसमान में सितारे बनकर जगमगा रहे हों, लेकिन इन दोनों की परम्परा आज भी बदस्तूर कायम है. इस परम्परा को कायम रखने का श्रेय जाता है ओलंपियन विवेक सिंह के पिता गौरी शंकर सिंह को.

सांसदों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करा रही है बीजेपी, पास होने पर ही मिलेगा 2019 में टिकट

उन्होंने अपने ओलंपियन बेटे विवेक की कैंसर से मौत के बाद, उनके हर सपने को जिन्दा रखने की कोशिश की है. उसी का नतीजा है विवेक सिंह एकेडमी, यहां से हर साल-दो साल पर निकलने वाले खिलाड़ी देश को रिप्रेजेंट कर रहे हैं. एक टीचर ने पीएफ के पैसे से खोली हॉकी एकेडमी, बन चुकी है इंटरनेशनल प्लेयर्स की नर्सरी बेटे का सपना पूरा करने के लिए खोली हॉकी एकेडमी वाराणसी के शिवपुर के रहने वाले और पेशे से शिक्षक गौरी शंकर सिंह ने अपने ओलंपियन बेटे को कैंसर लड़ते हुए देखा है. विवेक सिंह ने अपनी मौत से पहले अपने पिता के सामने यह इच्छा जाहिर की थी कि वे घर लौट कर बच्चों के लिए हॉकी एकेडमी खोलेंगे.

सीएम योगी के दौरे से पहले टॉयलेट की टाइल्स को भी करा दिया भगवा

विवेक सिंह मुम्बई में कैंसर की जंग हार गए लेकिन उनके पिता ने उनका यह सपना हकीकत में बदलने की ठान ली. गौरी शंकर सिंह ने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए 2005 में अपने पीएफ और एलआईसी के 12.50 लाख रुपयों से साढ़े छह बीघा जमीन खरीदी. इसी जमीन पर उन्होंने शुरुआत की विवेक सिंह हॉकी एकेडमी की. फ्री ऑफ़ कास्ट मिलती है ट्रेनिंग वे बताते हैं कि विवेक के जाने के बाद दिमाग में बस एक ही बात थी कि वह हॉकी एकेडमी खोलना चाहता था. विवेक की मौत के बाद जब वे मुंबई से लौटे तो अपने घर से करीब 6 किलोमीटर दूर करोमा गांव में जमीन खरीदी. करीब एक साल की मेहनत के बाद एकेडमी और स्टेडियम बनकर तैयार हो गया.

आंधी-तूफान ने बर्बाद की आम की 50 फीसदी फसल, किसान को भारी नुकसान

अब यहां 150 से ज्यादा बच्चे हॉकी और क्रिकेट की रेगुलर कोचिंग लेते हैं. ख़ास बात यह है कि इस समय 40 से ऊपर लड़कियां भी उनसे ट्रेनिंग ले रही हैं. गौरीशंकर सिंह कोचिंग के लिए कोई फीस नहीं लेते. खास बात यह है कि उनके द्वारा ट्रेनिंग पाए नेशनल और स्टेट लेवल पर खेल चुके खिलाड़ी ही यहां नये बच्चों को फ्री ऑफ़ कास्ट ट्रेनिंग देते हैं. एक टीचर ने पीएफ के पैसे से खोली हॉकी एकेडमी, बन चुकी है इंटरनेशनल प्लेयर्स की नर्सरी ट्रेनिंग पाए बच्चे बढ़ा रहे हैं मान गौरीशंकर सिंह को लोग सम्मान से मास्टर साहब के नाम से बुलाते हैं. उनका सपना है कि गरीब बच्चों को पूरा एक्सपोज़र देकर उन्हें सही प्लेटफार्म दिलाया जाए. उसी का नतीजा है कि आज यहां प्रैक्टिस करने वाले सुमित जूनियर, ललित उपाध्याय भारतीय टीम और चंदन, प्रशांत, विशाल जूनियर इंडियन हॉकी टीम का हिस्सा हैं.

देसी शराब और गांजा पीकर एक्टर राजा चौधरी ने किया जमकर बवाल

इनमें शामिल ललित उपाध्याय वर्ल्ड लीग में इंडियन टीम के मेम्बर थे. ललित आज बनारस के हॉकी खिलाड़ियों के रोल माडल हैं. उन्होंने एशिया कप फाइनल में गोल कर इंडिया को गोल्ड दिलाने में काफी अहम रोल निभाया था. नहीं मिल रही कोई सरकारी मदद गौरी शंकर सिंह कहते हैं कि अगर सरकार विवेक सिंह एकेडमी में एस्ट्रोटर्फ लगवा दे तो यहां से कहीं अधिक संख्या में नेशनल और इंटरनेशनल प्लेयर निकल सकते हैं. वे बताते हैं कि तीन साल पहले स्पोर्ट्स अथॉरटी ऑफ इंडिया के ऑफिसियल्स एकेडमी पहुंचे थे.

आईजी और बीजेपी पार्षद की भिड़ंत, बीच कार्यक्रम में सबके सामने हुई झड़प

उन्होंने पहली बार बिना किसी सरकारी मदद के एलक साथ इतने बच्चों को खेलते देखा. वे लोग फूडिंग, हॉस्टल की बात तो करके गए. लेकिन आज तक न उस पर कोई आगे बात बढ़ी और न ही कोई उनसे मिलने आया. एक टीचर ने पीएफ के पैसे से खोली हॉकी एकेडमी, बन चुकी है इंटरनेशनल प्लेयर्स की नर्सरी इंडियन टीम के सबसे मजबूत सेंटर हाफ थे विवेक सिंह नब्बे के दशक में इंडियन हॉकी के सबसे मजबूत सेंटर हॉफ थे विवेक सिंह. विवेक ने इंडियन टीम को कई बड़ी जीत हासिल करने में अपनी अहम भूमिका निभाई. विवेक सिंह साल 1985 में कनाडा में खेले गए जूनियर वर्ल्ड कप से चर्चा में आए थे. उसी साल लंदन में हुई विल्सन सीरीज में विवेक को इंडियन हॉकी टीम का हिस्सा बनाया गया.

गेस्ट हाउस में गुजारनी पड़ी मुलायम को रात, तैयार हुआ अखिलेश का नया बंगला

वे 1986 से लेकर 1988 तक लगातार मलेशिया में होने वाले सुल्तान अजलान शाह हॉकी टूर्नामेंट में वह इंडियन टीम का अहम हिस्सा बने रहे. 1988 के सियोल ओलंपिक में कनाडा और कोरिया के खिलाफ भारत की जीत में सेंटर हाफ विवेक सिंह ने अपनी बड़ी भूमिका निभाई थी. दो दशक तक छाए रहे हॉकी की दुनिया में विवेक सिंह का जन्म आठ मार्च को 1967 को वाराणसी में हुआ था. उनके पिता गौरीशंकर सिंह भी हॉकी के नेशनल प्लेयर रहे हैं. उनके भाई राहुल सिंह ओलंपिक्स में इंडियन टीम का हिस्सा रहे हैं.

ना गन्ना, ना जिन्ना, कैराना में सोशल इंजीनयरिंग ने बीजेपी को हराया

दूसरे भाई प्रशांत सिंह भी लंबे समय तक इंडियन हॉकी टीम के मेम्बर रहे. लगभग दो दशक तक इंडियन हॉकी में अपनी एक अलग पहचान रखने और बनारस का नाम ऊंचा करने वाले विवेक सिंह कैंसर की लंबी बीमारी से लड़ते हुए दो फरवरी 2005 को इस दुनिया को अलविदा कह गए थे.
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'डिजिटल युग का गलत इस्तेमाल', Gen-Z प्रोटेस्ट पर भड़के देवकीनंदन ठाकुर
'डिजिटल युग का गलत इस्तेमाल', Gen-Z प्रोटेस्ट पर भड़के देवकीनंदन ठाकुर
CJP प्रोटेस्ट में शामिल 2873 लोगों की जांच, 989 का निकला क्रिमिनल रिकॉर्ड
CJP प्रोटेस्ट में शामिल 2873 लोगों की जांच, 989 का निकला क्रिमिनल रिकॉर्ड
NCP के गुटों के विलय की चर्चा तेज, अमित शाह से मिले तटकरे और सुले
बदलने वाले हैं महाराष्ट्र के समीकरण? NCP के गुटों के विलय की चर्चा तेज
बेगुसराय शेल्टर होम से 5 नाबालिग लड़कियां गायब, तलाश जारी
बेगुसराय शेल्टर होम से 5 नाबालिग लड़कियां गायब, तलाश जारी

वीडियोज

Bollywood News: 'फौजी' ने पकड़ी रफ्तार! 3 अगस्त से प्रभास की वापसी, दिसंबर रिलीज पर नजर (27.07.26)
Mannat: Mannat का मंडप में धमाकेदार हंगामा! धुएं के बीच रुकी Manyata-Vikrant की शादी
Operation Safed Sagar की स्टार कास्ट ने शेयर किए शूटिंग के अनसुने और भावुक किस्से
Kareena Kapoor का खुलासा, रिजेक्शन के बाद रात-रात भर रोती थीं Karisma Kapoor
Prabhas की Spirit में Katrina Kaif की एंट्री? Cameo Role की रिपोर्ट्स ने बढ़ाई चर्चा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
PoK में प्रदर्शनकारियों पर PAK ने AK-47 से बरसाईं गोलियां, 11 की मौत
PoK में प्रदर्शनकारियों पर PAK ने AK-47 से बरसाईं गोलियां, 11 की मौत
जंतर-मंतर पर प्रोटेस्टर्स की निगरानी गैर-कानूनी थी या नहीं? HC करेगा फैसला
जंतर-मंतर पर प्रोटेस्टर्स की निगरानी गैर-कानूनी थी या नहीं? HC करेगा फैसला
श्रीलंका दौरे के लिए आज टीम इंडिया का ऐलान! इन खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
श्रीलंका दौरे के लिए आज टीम इंडिया का ऐलान! इन खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
Huma Qureshi Birthday: आमिर-शाहरुख के साथ एड में किया था काम, फिर इस डायरेक्टर ने बदली हुमा कुरैशी की जिंदगी
आमिर-शाहरुख के साथ किया था काम, फिर इस डायरेक्टर ने बदली हुमा कुरैशी की जिंदगी
झारखंड पेपर लीक केस में JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा, बोले- 'स्वेच्छा से...'
झारखंड पेपर लीक केस में JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा, बोले- 'स्वेच्छा से...'
Xप्लेन: भारत में घटते Gen Z वोटर्स! क्या वाकई फैसले लेने के काबिल है?
भारत में घटते Gen Z वोटर्स! क्या वाकई फैसले लेने के काबिल है?
5 साल बाद 600 मील दूर मिला खोया हुआ पालतू कुत्ता, मालिक से मिलते ही भावुक
5 साल बाद 600 मील दूर मिला खोया हुआ पालतू कुत्ता, मालिक से मिलते ही भावुक
ChatGPT Down, बार-बार काम करना बंद क्यों कर देती हैं ऑनलाइन सर्विसेस?
ChatGPT Down, बार-बार काम करना बंद क्यों कर देती हैं ऑनलाइन सर्विसेस?
Embed widget