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पीडबल्यूडी विभाग की रिपोर्ट में खुलासा, अखिलेश यादव के बंगले में की गई थी तोड़फोड़
पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सरकारी बंगले में तोड़फोड़ की जांच करने वाली पीडबल्यूडी विभाग की टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंप दी. इस रिपोर्ट के मुताबिक़ अखिलेश यादव के सरकारी बंगला ख़ाली करने के बाद इसमें तोड़फोड़ की गयी और सरकारी सम्पत्ति को नुक़सान पहुँचाया गया.

लखनऊ: पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सरकारी बंगले में तोड़फोड़ की जांच करने वाली पीडबल्यूडी विभाग की टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंप दी. इस रिपोर्ट के मुताबिक़ अखिलेश यादव के सरकारी बंगला ख़ाली करने के बाद इसमें तोड़फोड़ की गयी और सरकारी सम्पत्ति को नुक़सान पहुँचाया गया. पीडबल्यूडी की टीम ने पौने तीन सौ पन्ने की जांच रिपोर्ट के साथ ही कई फ़ोटोग्राफ़ और इसकी विज़ूअल सीडी भी विभाग को सौंपी है. जांच के मुताबिक इस तोड़फोड़ में 10 लाख का नुकसान हुआ है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला ख़ाली करने का नोटिस यूपी सरकार ने दिया था जिसके बाद राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह, मुलायम सिंह, मायावती, एनडी तिवारी और अखिलेश यादव को बतौर पूर्व सीएम आवंटित सरकारी बंगला ख़ाली करना पड़ा था. सरकारी बंगला ख़ाली करने के दौरान सबसे ज़्यादा चर्चा 4 विक्रमादित्य मार्ग यानी अखिलेश यादव के बंगले की रही. इस बंगले की फ़र्श, फाल्स सीलिंग, वायरिंग, साइकल ट्रैक को उखाड़ दिया गया था. कई हिस्सों में तोड़फोड़ की गयी थी. यहाँ तक की बाथरूम की टोंटी तक उखड़ी मिली थी. इस पूरे मामले पर आरोप और प्रत्यारोप का दौर चला और इसकी चर्चा सियासी गलियारों में भी रही. यहां तक कि अखिलेश यादव को इस मामले में टोंटी हाथ में लेकर प्रेस के बीच भी आना पड़ा.
इस मामले में सरकार ने PWD यानी लोक निर्माण विभाग की एक टीम इस मामले की जांच के लिए बनायी थी जिसने अपनी रिपोर्ट राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंप दी है. हालांकि इस रिपोर्ट में ये साफ़ नहीं है है कि ये तोड़फोड़ शिफ़्टिंग के दौरान की गई या बाद में. रिपोर्ट में इस बात का भी ज़िक्र नहीं है कि ये तोड़फोड़ किसने की.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला ख़ाली करने का नोटिस यूपी सरकार ने दिया था जिसके बाद राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह, मुलायम सिंह, मायावती, एनडी तिवारी और अखिलेश यादव को बतौर पूर्व सीएम आवंटित सरकारी बंगला ख़ाली करना पड़ा था. सरकारी बंगला ख़ाली करने के दौरान सबसे ज़्यादा चर्चा 4 विक्रमादित्य मार्ग यानी अखिलेश यादव के बंगले की रही. इस बंगले की फ़र्श, फाल्स सीलिंग, वायरिंग, साइकल ट्रैक को उखाड़ दिया गया था. कई हिस्सों में तोड़फोड़ की गयी थी. यहाँ तक की बाथरूम की टोंटी तक उखड़ी मिली थी. इस पूरे मामले पर आरोप और प्रत्यारोप का दौर चला और इसकी चर्चा सियासी गलियारों में भी रही. यहां तक कि अखिलेश यादव को इस मामले में टोंटी हाथ में लेकर प्रेस के बीच भी आना पड़ा.
इस मामले में सरकार ने PWD यानी लोक निर्माण विभाग की एक टीम इस मामले की जांच के लिए बनायी थी जिसने अपनी रिपोर्ट राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंप दी है. हालांकि इस रिपोर्ट में ये साफ़ नहीं है है कि ये तोड़फोड़ शिफ़्टिंग के दौरान की गई या बाद में. रिपोर्ट में इस बात का भी ज़िक्र नहीं है कि ये तोड़फोड़ किसने की. और पढ़ें
Source: IOCL


























