By: ABP News Bureau | Updated at : 22 Nov 2016 11:19 AM (IST)
कानपुर: 'शनिवार रात करीब 3 बजे का समय था. ट्रेन अपनी रफ्तार से चल रही थी. जनरल कोच ही नहीं बल्कि स्लीपर कोच भी खचाखच भरे थे. एक-एक सीट पर दो से तीन लोग बैठे थे. फर्श पर पैर रखने की जगह नहीं थी. तभी ट्रेन के हिलने की आहट हुई. अचानक तेज आवाजें आईं जैसे कोई ब्लास्ट हो. बड़ा हादसा हो चुका था. मैं तेजी से इमरजेंसी विंडो के जरिए ट्रेन से बाहर निकला और फिर...!' ये कहना है संतोष उपाध्याय का जो इंदौर-पटना एक्सप्रेस में सवार थे.

उज्जैन में इंदौर-पटना एक्सप्रेस में सवार हुए थे संतोष उपाध्याय
पेशे से पत्रकार संतोष उपाध्याय उज्जैन में इंदौर-पटना एक्सप्रेस में सवार हुए थे. एबीपी न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने बताया कि ट्रेन में बैठते समय उनकी सीट कंफर्म नहीं थी. वेटिंग लिस्ट में 124वां नंबर होने के चलते उन्होंने ट्रेन के रनिंग स्टाफ से बात की. जिसके बाद उन्हें S-2 कोच में 7 नंबर की सीट टीटीई ने दे दी.
भोपाल में एक्सचेंज कर ली अपनी सीट
संतोष उपाध्याय ने बताया कि उज्जैन से चलने के बाद ट्रेन करीब 9 बजे भोपाल पहुंची. जहां उनके पास वाली S-2 की 11 नंबर सीट पर करीब 35 से 40 साल की दो महिलाएं आकर बैठ गईं. थोड़ी देर बाद महिलाओं ने उनसे अनुरोध किया कि वो उनसे सीट एक्सचेंज कर लें. संतोष ने अपनी S-2 की 7 नंबर सीट उनके S-5 की 28 नंबर सीट के साथ एक्सचेंज कर ली.
''भगवान भरोसे ही S-2 में कोई बचा होगा''
इलाहाबाद जा रहे संतोष ने बताया कि करीब 3 बजकर 5 मिनट पर मेरी नींद खुली. फिर मैं सोशल मीडिया स्क्रॉल करने लगा. तभी अचानक ट्रेन हिलने लगी और तेज आवाज आई जैसे कोई ब्लास्ट हुआ हो. मैं तेजी से इमरजेंसी विंडो के जरिए ट्रेन से बाहर निकला और खेत की तरफ भागा. हर तरफ हाहाकार मचा था. उन्होंने बताया कि इसके बाद मैं S-2 की तरफ गया जहां की स्थिति काफी दर्दनाक थी. लोग क्षत-विक्षत हालत में थे. उस कोच में शायद ही कोई यात्री बचा होगा. और अगर कोई बचा होगा तो भगवान भरोसे बचा होगा.

'सीट बदलने से बच गई मेरी जान'
संतोष के मुताबिक 'अगर मैं भोपाल में S-2 कोच से S-5 कोच में नहीं गया होता तो मरने वालों में मैं भी एक हो सकता था. सीट बदलने से मेरी जान बच गई.' हालांकि इस हादसे में उन्हें मामूली चोटें जरुर आईं है.एनसीआर के CPRO और कानपुर कंट्रोल रुम को किया इंफॉर्म
संतोष ने बताया कि इसके बाद उन्होंने एनसीआर रीजन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी और कानपुर कंट्रोल रुम को इंफॉर्म किया. कानपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर होने की वजह तकरीबन 4 बजे सहायता की टीमें आईं और घायलों को अस्पताल ले जाने के साथ राहत औऱ बचाव का काम शुरू हुआ.
आपको बता दें कि कानपुर के पास पुखरायां में रविवार सुबह 3.30 बजे पटना-इंदौर एक्सप्रेस भीषण ट्रेन हादसे का शिकार हो गया. जिसमें अब तक 142 लोगों की मौत हो चुकी है औऱ करीब 200 लोग जख्मी हैं.
शिमला: राहुल-प्रियंका के इशारे पर चल रही सरकार, जयराम ठाकुर बोले- देवभूमि को बनाया शरणस्थली
UP News: CSN कॉलेज के समारोह में पहुंचे ब्रजेश पाठक, स्थानीय भाषा में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र
हरदोई: एकतरफा प्यार में छात्रा पर बांके से हमला, पुलिस एनकाउंटर में आरोपी को लगी गोली
उत्तराखंड: रुद्रपुर में नमाज के दौरान मारपीट, वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया केस
Agra News: विधायक के बेटे पर टोलकर्मी से मारपीट का आरोप, दबाव में समझौते का दावा, भाई ने दी सुसाइड की चेतावनी
अजित पवार के बेटे पार्थ पवार जाएंगे राज्यसभा, मां सुनेत्रा के डिप्टी CM बनने के बाद खाली हुई थी सीट
अभिषेक शर्मा के नाम दर्ज हुआ दूसरी सबसे 'धीमी' फिफ्टी बनाने का रिकॉर्ड, टी20 वर्ल्ड कप में चला बल्ला
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पर नेतन्याहू संग क्या हुई PM मोदी की बात? abp न्यूज़ के सवाल पर MEA का जवाब
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद बांटी मिठाई, डब्बे पर दिखी दुल्हन की झलक, देखें तस्वीरें