By: ABP News Bureau | Updated at : 14 Nov 2016 11:45 PM (IST)
इलाहाबाद: देव दीपावली का पर्व संगम नगरी इलाहाबाद में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी के तट पर भी परम्परागत तरीके से श्रद्धापूर्वक मनाया गया. इस मौके पर संगम के घाटों को लाखों दीयों से सजाया गया. यहां अकेले संगम घाट पर सवा लाख दीप जलाए गए. देव दीपावली पर देवगणों के स्वागत में गंगा और यमुना की भव्य आरती की गई तो साथ ही आस्था के भजन भी गाये गए.
गंगा-यमुना की धारा में दीपदान किया गया तो पानी में आतिशबाजी की गई और आसमान में पटाखे फोड़े गए. घाटों को दीयों, मोमबत्तियों, रंगोली और फूलों से बेहद ख़ूबसूरती के साथ सजाया गया. इस अदभुत नज़ारे को देखने और देवगणों के स्वागत के लिए एक लाख से ज़्यादा श्रद्धालु यहाँ पर इकट्ठे हुए. आरती और पूजा-अर्चना के बाद नदियों को प्रदूषण मुक्त करने और पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान में सहयोग करने का संकल्प भी लिया गया. देव दीपावली के ख़ास आयोजन में इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बीबी भोसले और कई दूसरे जजेज के साथ ही तमाम ख़ास मेहमान भी मौजूद रहे.

देव दीपावली पर गंगा-यमुना की रेती और घाटों पर एक साथ आस्था के लाखों दीये जगमगा उठने से ऐसा लग रहा मानो आसमान से सितारे ज़मीन पर उतर आये हों. इस मौके पर संगम के घाटों और पानी की बीच धारा में पटाखे छोड़कर आतिशवाजी भी की गई. संगम की धारा से निकली आतिशबाजियां ऊपर पहुंचकर आसमान को सतरंगी बना रही थीं. आरती में साधु-संतों और महिला साध्वियों के साथ ही हज़ारों श्रद्धालु भी शामिल हुए. भगवान विष्णु का धाम होने की वजह से इलाहाबाद में देव दीपावली भव्य रूप में मनाई जाती है. देव दीपावली के साथ ही यहां यमुना के तट पर लगने वाला एक महीने के कार्तिक मेले का समापन भी हो जाता है.
वाराणसी: काशी के घाटों पर देव दीपावली की अनोखी छठा
वाराणसी के घाटों पर आज कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर एक अद्भूत नजारा देखने को मिला. दरअसल ये मौका था देव दीपावली का. इस मौके पर लोगों ने घाटों पर दीप जलाकर देवताओं से प्रार्थना की तो वहीं देश के लिए शहीद होने वाले भारत मां के वीर-सपूतों को नमन कर पुष्प चक्र अर्पित किया.
कार्तिक पूर्णिमा के दिन वाराणसी के घाटों पर होने वाले देव दीपावली के पर्व पर सभी घाट दीपों की रोशनी में सराबोर दिखे. आज अंतर राष्ट्रीय ख्याति में सुमार रखने वाले इस आयोजन का देश के सांस्कृतिक प्रेमी को ही नहीं बल्कि दुनिया के दूर दराज देशो में बैठे विदेशी सैलानियों के लिए भी बेहद आकर्षक का केंद्र रहता है.

मान्यता है कि काशी के गंगा घाट पर इस दिन देव लोक के सारे देवी देवता अदृश्य रूप से मौजूद रहते हैं और इस आध्यात्मिक पल के गवाह देशी ही नही विदेशी सैलानी भी होते हैं. देव दीपावली के दिन सारे घाट दीये की रोशनी से जगमगा उठते हैं. दशाश्वमेध घाट पर गंगा की महा आरती में लोग मानो आस्था के समुन्दर में गोते लगाते है. घंटीयों की गूंज और आरती की बत्ती से उठते धुए उस काल की याद दिलाते है जब देवतायों ने त्रिपुराशुर के वध के बाद दीपावली मनाई थी.
मान्यता है खगोलीय दृष्टि से भी कार्तिक मास विशेष स्थान रखता है क्योकि सूर्य इस समय पृथ्वी के सबसे निकट होते है इस लिए भगवान भास्कर प्रभाव का पृथ्वी पर ज्यादे रहता है. कार्तिक मास के इस दिन दीप दान करने से पूर्वजों को तो मुक्ति मिलती है और साथ में ही दीपदान करने वाले श्रद्धालु को भी मोक्ष का मार्ग मिलता है. इस पावन मास में आकाश दीप का प्रावधान शास्त्रों में मिलता है जिसकों करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार हुए संगम के घाट
सूर्य उपासना के महीने कार्तिक के अंतिम स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर आज संगम नगरी इलाहाबाद में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में आस्था की एक डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है. दूर-दूर से आये हज़ारों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम की धारा में डुबकी लगाने के बाद सूर्य को अर्ध्य दे रहे हैं और भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना कर साल भर अपने परिवार के निरोग रहने की कामना कर रहे हैं. संगम पर सूरज की पहली किरण निकलने से पहले ही हज़ारों श्रद्धालु इकट्ठे हो गए थे. कई घाटों पर तो तिल रखने की भी जगह नहीं बची. ग्रह नक्षत्रों के दुर्लभ संयोग की वजह से इस बार कार्तिक पूर्णिमा के स्नान का विशेष महत्व है.
संगम आने वाले श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के साथ ही दान-पुण्य भी कर रहे हैं. मान्यताओं के मुताबिक़ कार्तिक पूर्णिमा के ही दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय का जन्म हुआ था, जबकि स्रष्टि के पालनहार भगवान विष्णु ने आज ही के दिन मत्स्यावतार रूप धारण किया था. इस कारण कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और पूजा अर्चना करने वाले को अक्षय पुण्य और स्वस्थ जीवन की प्राप्ति होती है. इसी वजह से संगम नगरी इलाहाबाद में त्रिवेणी की धारा में स्नान करने वालो की भारी भीड़ उमड़ी हुई है. संगम समेत इलाहाबाद के तमाम घाटों पर आज शाम को देव दीपावली भी धूम- धाम से मनाई जाएगी. इस बार की देव दीपावली देश की सरहदों पर तैनात सैनिकों को समर्पित रहेगी.
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