News
News
टीवीabp shortsABP शॉर्ट्सवीडियो पॉडकास्ट
X

...तो न होता पठानकोट हमला और न ही उरी में शहीद होते हमारे 18 जांबाज!

Share:
मेरठ: मेजर रणबीर सिंह, ये वो नाम है जिसने 1965 की लड़ाई में उरी सेक्टर में पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा लेते हुए वीरगति पायी थी. मेजर रनबीर के बेटे डॉ राजीव उस समय की घटना की याद करते हुए बताते है कि जब 1965 में पकिस्तान ने भारत पर हमला किया तो उरी और पूंछ में पाकिस्तान मोर्चा खोल रखा था. पूंछ और उरी के बीच की जगह को हाजी पीर पास के नाम से बोला जाता है. हाजी पीर पास सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण एरिया है और डॉ राजीव के मुताबिक 90 प्रतिशत घुसपैठिए इसी क्षेत्र से घुसपैठ करते हैं.

Martyr Major Ranbir Singh 4

पूरे हाजी पीर पास को भारत में मिलाया

डॉ राजीव बताते हैं कि जब 9 अगस्त 1965 को पाकिस्तान ने उरी और पूंछ दोनों तरफ से मोर्चा खोल दिया था तब उनके पिता मेजर रनबीर सिंह 19 पंजाब रेजिमेंट में थे. उसी दौरान मेजर रनबीर सिंह अपनी टुकड़ी के साथ पाकिस्तानी सेना से टक्कर लेते हुए पूरे हाजी पीर पास को भारत में मिला लिए. यही नहीं पाक अधिकृत कश्मीर की कई और चौकियों को भी भारत में शामिल कर लिया था.

पाकिस्तान को वापस कर दिया सारा इलाका

इस दौरान पाकिस्तान का काफी गोला-बारूद भी इनके कब्जे में आ गया था. जिसके बाद पकिस्तान की सेना ने 21 सितम्बर को दोबारा हमला किया. जिसमें मेजर रनबीर सिंह लड़ते हुए शहीद हो गए और उसी दिन शाम को सीज फायर हो गया. जिसके बाद तत्कालीन भारत सरकार ने समझौते के तहत वो जीता हुआ सारा इलाका पाकिस्तान को वापस कर दिया जो भारत के जाबांज सैनिकों ने अपनी जान गंवा कर हासिल किया था. इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण हाजी पीर पास का इलाका भी पाकिस्तान को दे दिया गया.

Martyr Major Ranbir Singh 3 Martyr Major Ranbir Singh 2 Martyr Major Ranbir Singh 1

300 किलोमीटर हो गई 30 किलोमीटर की दूरी

डॉ राजीव के मुताबिक हाजी पीर पास का इलाका अगर आज भारत के पास होता तो पाकिस्तान से होने वाली आतंकी घुसपैठ से भारत को इतना नुकसान ना होता क्योंकि यही एक इलाका ऐसा है जहां से आतंकी पाकिस्तान से घुसपैठ करके उरी और पूंछ जैसे क्षेत्रो में आतंक फैलाते हैं.

Martyr Major Ranbir Singh 5 तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की चिट्ठी

जिस समय हाजी पीर पास को भारत में शामिल कर लिया गया था उस समय उरी से पूंछ का रास्ता मात्र 30 किलोमीटर हो गया था जबकि हाजी पीर पास को वापस करने के बाद ये दूरी लगभग 300 किलोमीटर हो गई.

तोड़ दिया शहीद के परिवार से किया वादा

डॉ राजीव की मानें तो मेजर रनबीर सिंह की पत्नी के पास तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने चिट्ठी भी भेजी थी कि पाकिस्तान के साथ किसी तरह का सेटेलमेंट नहीं करेंगे लेकिन ताशकंद में जाकर शास्त्री जी ने वो सेटेलमेंट कर के शहीद के परिवार से किया वादा तोड़ दिया था.

मेजर रनबीर सिंह को उनकी बहादुरी के लिए वीर चक्र से नवाजा गया था लेकिन आज भी सैनिक और उस लड़ाई में शहीद होने वालों के परिजन कहते हैं कि हाजी पीर पास का इलाका अगर वापस न किया गया होता तो पठानकोट हमला न होता और ना ही उरी में हमारे 18 जांबाज सैनिक शहीद होते.

जानें कौन हैं शहीद मेजर रनबीर सिंह ?

जन्म तिथि: 10 अगस्त, 1938

जन्म स्थान: ग्राम नांगल, मेरठ (अब बागपत)

प्रारंभिक शिक्षा: जाट हीरोज कॉलेज, बड़ौत

साल 1954: एनडीए में दाखिला मिला

कमीशन: 14 दिसंबर 1958

पहली पोस्टिंग: सैनिक लेफ्टिनेंट, 9 पंजाब बटालियन

लेफ्टिनेंट बने: 14 दिसंबर, 1960

साल 1961: नेफा में बने कैप्टन

21 अक्टूबर 1962: चीन के साथ युद्ध में शामिल

14 दिसंबर 1963: मेजर बनाए गए

30 मार्च 1964: 19 पंजाब बटालियन में शामिल

21 सितंबर 1965: हाजीपीर क्षेत्र में हुए शहीद

Published at : 25 Sep 2016 06:16 PM (IST) Tags: Uri Attack IN DEPTH meerut MARTYR uttar Pradesh
हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: News in Hindi

यह भी पढ़ें

राजस्थान: नए साल की पूर्व संध्या पर खाटू श्याम में भक्तों का सैलाब, दर्शन के लिए जुटे लाखों श्रद्धालु

राजस्थान: नए साल की पूर्व संध्या पर खाटू श्याम में भक्तों का सैलाब, दर्शन के लिए जुटे लाखों श्रद्धालु

नशे के खिलाफ कदम: शराब के बजाय दूध से नए साल का आगाज, सीकर में ऐसे मना न्यू ईयर का जश्न

नशे के खिलाफ कदम: शराब के बजाय दूध से नए साल का आगाज, सीकर में ऐसे मना न्यू ईयर का जश्न

बिहार में फिल्म निर्माताओं की बढ़ी दिलचस्पी, 37 प्रोजेक्ट्स को मिली शूटिंग की मंजूरी

बिहार में फिल्म निर्माताओं की बढ़ी दिलचस्पी, 37 प्रोजेक्ट्स को मिली शूटिंग की मंजूरी

अमरोहा में जंक फूड ने ली एक और जान! नीट की तैयारी कर रही छात्रा की दर्दनाक मौत

अमरोहा में जंक फूड ने ली एक और जान! नीट की तैयारी कर रही छात्रा की दर्दनाक मौत

CM नीतीश कुमार के पास ₹20552 कैश, साल के आखिरी दिन खुद सार्वजनिक किया संपत्ति का ब्यौरा

CM नीतीश कुमार के पास ₹20552 कैश, साल के आखिरी दिन खुद सार्वजनिक किया संपत्ति का ब्यौरा

टॉप स्टोरीज

लाखों नौकरियों से लेकर एक्सप्रेसवे तक, साल 2026 में यूपी वालों को ये 10 बड़ी सौगातें देगी योगी सरकार

लाखों नौकरियों से लेकर एक्सप्रेसवे तक, साल 2026 में यूपी वालों को ये 10 बड़ी सौगातें देगी योगी सरकार

अभिषेक-ऐश्वर्या की शादी में पैप्स संग हुई थी मारपीट, बच्चन परिवार पर मीडिया ने लगा दिया था बैन

अभिषेक-ऐश्वर्या की शादी में पैप्स संग हुई थी मारपीट, बच्चन परिवार पर मीडिया ने लगा दिया था बैन

साल 2025 में Abhishek Sharma ने तोड़े ये 5 बड़े रिकॉर्ड, टी20 का सबसे बड़ा स्कोर किया अपने नाम

साल 2025 में Abhishek Sharma ने तोड़े ये 5 बड़े रिकॉर्ड, टी20 का सबसे बड़ा स्कोर किया अपने नाम

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पाकिस्तानी नेता से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर, ढाका में क्यों हुई मुलाकात?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पाकिस्तानी नेता से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर, ढाका में क्यों हुई मुलाकात?