By: एबीपी न्यूज़/एजेंसी | Updated at : 18 Aug 2016 09:14 AM (IST)
मथुरा/लखनऊ/कानपुर: नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिये आईआईटी कानपुर ने गंगा नदी के किनारे बसे शहर के पांच गांवों को गोद लिया है. आईआईटी केवल इन गांवों की सफाई व्यवस्था, स्वच्छ पानी की व्यवस्था और यहां का गंदा पानी गंगा नदी में न जायें इसके लिये गांव वालों को जागरूक करेंगी.
कानपुर के जिन पांच गांवों को आईआईटी ने गोद लिया है उनमें रमेल नगर, ख्योरा कटरी, प्रतापपुर, हरी हिंदपुर और कटरी लोधवा खेड़ा गांव शामिल है. यह सभी गांव कानपुर में गंगा नदी के किनारे बसे है.
आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर और नमामि गंगे प्रोजेक्ट से जुड़े प्रो विनोद तारे ने बताया कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाए जाने के लिये गंगोत्री से गंगासागर तक बसे शहरों के सभी 13 शिक्षण संस्थानों (एजुकेशनल इंस्टीटयूशन) को पांच पांच गांव गोद लेने की बात कही गयी है.
आदर्श गांव बनाने की योजना
इसी के तहत आईआईटी कानपुर जो कि गंगा के किनारे बसा है उसने भी पांच गांव गोद लिये है. इन गांवों को आदर्श गांव बनाये जाने की योजना है. इसके तहत इन गांवों के पानी की जांच की जायेंगी और वहां लोगों को साफ पानी पीने के लिये मिले इसके लिये प्रयास किये जायेंगे. यहां की नालियों में गंदगी युक्त पानी नहीं बहेगा बल्कि बारिश का पानी बहेगा. इसके लिये प्रयास किये जायेंगे. ऐसे शौचालय बनाये जायेंगे जिससे गंदगी बाहर न निकले . गांव का गंदा पानी गंगा नदी में न जायें इसके लिये प्रयास किये जायेंगे.
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत इन सभी पांच गांवों के सभी लोगों को इसमें जोड़ा जाएगा और उन्हें गंगा के बारे में जागरूक किया जाएगा. विशेषतौर पर गांव के युवक युवतियों को इस काम में लगाया जायेंगा.
इन पांच गांवों के ग्राम प्रधानों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों के साथ बैठके की जा रही हैं. शीघ्र ही इस कार्ययोजना को लागू किया जाएगा.

अपशिष्ट जल पर स्वच्छ गंगा मिशन, इंडियन ऑयल के बीच समझौता
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा है कि बुधवार को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और इंडियन ऑयल के बीच हुए आशय समझौते से देश में अपशिष्ट जल के औद्योगिक उपयोग की एक नई शुरुआत हुई है. भारती ने 40 करोड़ रुपये की लागत से मथुरा में बनने वाले एसटीपी का शिलान्यास करते हुए कहा कि इस नई शुरुआत से देश में अपशिष्ट जल का नया और विस्तृत बाजार बनेगा.
उन्होंने कहा कि मथुरा में लक्ष्मीनगर से गोकुल बराज तक नौ किलोमीटर पाइपलाइन के जरिए इस अपशिष्ट जल को मथुरा तेल शोधन संयंत्र के उपयोग के लिए ले जाया जाएगा. इस संबंध में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और इंडियन ऑयल कॉर्पोशन के बीच एक आशय समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए.
2018 तक एकदम बदल जाएगी मथुरा-वृंदावन में यमुना की शक्ल
भारती ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा अपनाए जाने वाले हाईब्रिड एन्यूटी मोड की मदद से साल 2018 तक मथुरा-वृंदावन में यमुना की शक्ल एकदम बदल जाएगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली से मथुरा-वृंदावन तक जाने वाले यमुना के प्रदूषित जल को रोकने के हर प्रयास किए जाएंगे.
उमा ने कहा कि सिंचाई क्षेत्र में नई प्रेशर प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से गंगा-यमुना के 60 प्रतिशत पानी की बचत की जा सकेगी, जिसका उपयोग नदी के प्रवाह को बनाए रखने में किया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि पिछली सात जुलाई, 2016 को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने मथुरा में 17 घाटों और तीन शवदाहगृहों के निर्माण का काम शुरू किया था. मथुरा में यमुना की सतह की सफाई के लिए एक ट्रेश स्कीमर भी लगाया गया है.
समारोह को केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर 300 महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत खाना पकाने की गैस के कनेक्शन भी दिए गए.

नमामि गंगे के दूसरे चरण में यमुना शुद्घीकरण के लिए कई योजनाएं प्रारंभ
केंद्र सरकार की बहुआकांक्षी ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत बुधवार को मथुरा-वृन्दावन में यमुना शुद्घी के लिए कई परियोजनाओं की शुरुआत की गई, जिन्हें पूरा करने के लिए 18 महीने का समय तय किया गया है.
वृन्दावन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन तथा राजमार्ग एवं पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय जल संसाधन तथा नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र प्रधान, मथुरा की सांसद हेमामालिनी आदि उपस्थित थे.
नि:शुल्क जारी किए गए गैस कनेक्शन
कार्यक्रम के दौरान पेट्रोलियम एवं प्राद्घतिक गैस मंत्रालय की ओर से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की 15 महिलाओं को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क गैस कनेक्शन जारी किए गए.
इस मौके पर ‘नमामि गंगे’ प्रोजेक्ट तथा मथुरा रिफाइनरी के बीच एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके अनुसार भारतीय तेल निगम का मथुरा स्थित कारखाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में 40 करोड़ रूपये की लागत से प्रतिदिन 2 करोड़ लीटर क्षमता यहां एक नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लाण्ट स्थापित करेगा.
इस प्लाण्ट से उपचारित जल का उपयोग मथुरा रिफाइनरी अपनी औद्योगिक जरूरत पूरी करने में करेगी. यह भारत का अपनी तरह का सबसे बड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लाण्ट होगा जहां इतनी बड़ी मात्रा में स्वच्छ जल के स्थान पर उपचारित जल का औद्योगिक उपयोग होगा.
मथुरा में मलजल शोधन के लिये सबसे बड़ा संयंत्र
देश का सबसे बड़ी मलजल शोधन के लिये सबसे बड़ा संयंत्र मथुरा में लगाया जाएगा. इससे मथुरा तथा वृंदावन से निकलने वाले गंदे पानी का शोधन किया जाएगा और शोधित जल का उपयोग इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की मथुरा रिफाइनरी में किया जाएगा.
आईओसी ने एक बयान में कहा कि मथुरा में एक कार्यक्रम में गंदे पानी के शोधन के लिये संयंत्र की आधारशिला रखी गयी. संयंत्र पर 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
बयान के अनुसार इससे यमुना नदी को दोहरा फायदा होगा. एक तरफ तो गंदा जल यमुना में नहीं जाएगा और उसका पूरा उपयोग रिफाइनरी करेगी. साथ ही प्रसंस्करण मकसद से रिफाइनरी जो पानी लेती थी, उसकी जरूरत नहीं होगी.
इस मौके पर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रदूषित यमुना से ठोस कचड़े का उपयोग उद्योग और कृषि में उपयोग के लिये बिजली उत्पादन में किये जाने का प्रयास किया जाएगा.
शिमला: राहुल-प्रियंका के इशारे पर चल रही सरकार, जयराम ठाकुर बोले- देवभूमि को बनाया शरणस्थली
UP News: CSN कॉलेज के समारोह में पहुंचे ब्रजेश पाठक, स्थानीय भाषा में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र
हरदोई: एकतरफा प्यार में छात्रा पर बांके से हमला, पुलिस एनकाउंटर में आरोपी को लगी गोली
उत्तराखंड: रुद्रपुर में नमाज के दौरान मारपीट, वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया केस
Agra News: विधायक के बेटे पर टोलकर्मी से मारपीट का आरोप, दबाव में समझौते का दावा, भाई ने दी सुसाइड की चेतावनी
अजित पवार के बेटे पार्थ पवार जाएंगे राज्यसभा, मां सुनेत्रा के डिप्टी CM बनने के बाद खाली हुई थी सीट
अभिषेक शर्मा के नाम दर्ज हुआ दूसरी सबसे 'धीमी' फिफ्टी बनाने का रिकॉर्ड, टी20 वर्ल्ड कप में चला बल्ला
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पर नेतन्याहू संग क्या हुई PM मोदी की बात? abp न्यूज़ के सवाल पर MEA का जवाब
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने शादी के बाद बांटी मिठाई, डब्बे पर दिखी दुल्हन की झलक, देखें तस्वीरें