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मौत का सफर: इस समय मैं कुछ सोच रहा हूं

बहुत ही भयानक दृश्य था. उस चीनी आदमी का किसी ने गला काट दिया था. दाहिने कान की ओर से एक आधी गोल लकीर बाएं कान की ओर बड़ी सफाई से चली गई थी और कटे सिर को बड़ी सफाई से सिल दिया गया था. वह चीनी आदमी किसी दुखद स्वप्न की तरह दिखाई दे रहा था. मौत का सफर 

जेम्स हेडली चेईज़

मौत का सफर: इस समय मैं कुछ सोच रहा हूं

फेनर ने अपनी एक आंख खोली और प्यूजा डोलन की ओर घूमकर देखा. उसका घुंघराले बालों वाला सिर ऑफिस के दरवाजे की ओर घूम गया. उसने सिर झुकाकर प्यूजा के प्रति सम्मान प्रदर्शित किया और फिर आराम से अपनी रिवाल्विंग चेयर पर बैठ गया. उसने अपने बड़े-बड़े पैर ब्लाटिंग पैड पर बड़े आराम से टिका लिए. फिर उसकी रिवाल्विंग डेक्स चेयर खतरनाक ढंग से 45 अंश के कोण पर झुक गई. उसने ऊंघते हुए कहा‒ ‘भाग जाओ बेबी. मैं तुम्हारे साथ फिर बात करूंगा. इस समय मैं कुछ सोच रहा हूं.’

प्यूला ने अधखुले घूमने वाले दरवाजों को घुमाया और डेस्क के पास आकर बोली‒ ‘तुम्हारा एक ग्राहक बाहर बैठा है.’ फेनर धीरे से बोला, उससे कह दो कि इस समय वह चला जाए. हम व्यापार के सिलसिले में ओटा जा रहे हैं. प्यूजा, में कभी-कभी इसी बहाने सो लेता हूं. क्यों ठीक है न?’

‘तुम्हारा बिस्तर किसी काम आ सकता है?’ प्यूजा ने जल्दी से कहा. इस तरह की बातें मत पूछों‒ ‘फेनर ने अपने आपको कुर्सी में संभालते हुए धीरे से बड़बड़ाकर कहा. प्यूजा ने अनुनय भरे स्वर में कहा‒ ‘उसे एक बार देख तो लो, वह प्यार का सुंदर फूल है, जो बाहर बैठी तुम्हारी प्रतीक्षा कर रही है. शायद अपने दुःख और शोक को तुमसे मिलकर बांटना चाहती है.’

फेनर ने पुनः एक आंख खोली‒ ‘वह क्या चाहती है? शायद कुछ चंदा मांगने आई हो?’ प्यूजा डेस्क के किनारे पर बैठ गई. ‘कभी-कभी मुझे आश्चर्य होता है कि तुमने यह प्लेट अपने मकान के दरवाजे पर क्यों लगाई? क्या तुम काम नहीं करना चाहते?’ फेनर ने सिर हिलाया‒ ‘नहीं, मैं इस समय किसी की कोई सहायता नहीं कर सकता. हम सभी किसी-न-किसी परेशानी में घिरे हैं. ऐसी स्थिति में हम एक-दूसरे की क्या सहायता कर सकते हैं. हमें जीवन के हर दुःख-सुख को सहज भाव से लेना चाहिए.’

‘तुम सही रास्ते पर जा रहे हो. यह रास्ता वैसा ही है, जैसा तुम महसूस करते हो.’ प्यूजा ने डेस्क पर खिसकते हुए कहा. ‘एक मिनट ठहरो प्यूजा.’ फेनर ने कहा और फिर तैयार होने लगा. उसने अपने सिर पर हैट लगाया और फिर उसे आगे को खिसकाकर बोला‒ ‘क्या वह वास्तव में प्यार का फूल है?’

प्यूजा ने ‘हां’ में सिर हिलाया और बोली‒ ‘मेरा ख्याल है वह किसी परेशानी में है.’

‘ठीक है, उसे अंदर भेजो.’ प्यूजा ने दरवाजा खोलकर पूछा‒ ‘क्या तुम अंदर आओगी?’

एक आवाज उभरी‒ ‘धन्यवाद.’ और फिर एक युवती ने ऑफिस में कदम रखा तथा फेनर को अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से देखती हुई धीरे-धीरे चलती हुई प्यूला के पास आ खड़ी हुई. वह सामान्य से अधिक लंबी-पतली और नाजुक थी. उसकी टांगें लंबी, लेकिन हाथ और पांव छोटे-छोटे-से थे. उसका सीना बहुत ही उभरा हुआ था. उसके बाल काले रिबन के साथ उसके हैट में बारीकी से मुड़े हुए थे. उसने दो तरह के कपड़े पहने हुए थे, जिनके कारण वह अत्यधिक भरपूर जवान दिखाई दे रही थी. लेकिन वह बहुत ही भयभीत दिखाई दे रही थी.

प्यूजा उसकी हिम्मत बंधाने के लिए मुस्कराई और फिर बाहर चली गई. बाहर जाते हुए उसने दरवाजा अच्छी तरह से बंद कर दिया. फेनर अपने पैर डेस्क पर रखकर खड़ा हो गया‒ ‘बैठो, और बताओ कि मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूं?’ उसने अपने डेस्क के सामने पड़ी खाली कुर्सी की ओर इशारा किया. युवती ने सिर हिलाकर कहा‒ ‘मैं थोड़ी देर खड़ी रहना चाहती हूं. मैं यहां बहुत देर तक नहीं रुक सकती.’

फेनर अपनी रिवाल्विंग चेयर पर बैठ गया और उसे तसल्ली देते हुए बोला‒ ‘तुम इसे अपना ही घर समझो. तुम बहुत थकी हुई लग रही हो. तुम मुझसे बहुत कुछ कहना चाहती हो. इत्मीनान से बैठकर बताओ.’

वह जानता था कि युवती रहस्यपूर्ण नहीं है. यदि कोई रहस्य है तो केवल यह कि वह उसके संबंध में कुछ भी नहीं जानता. युवती की आंखें असहज थीं. उसने बहुत ही कसी ब्रेजरी पहन रखी थी. लगता था उसकी उभरी हुई छातियां उस ब्रेजरी को फाड़कर बाहर आने के लिए बेचैन हैं. युवती ने कहा‒ ‘मैं आपसे अपनी बहन की तलाश कराना चाहती हूं. उसके लिए बहुत ही चिंतित हूं. इसके लिए आप क्या पारिश्रमिक लेंगे?’

‘लगता है तुम्हें पारिश्रमिक की कोई चिंता नहीं है. फिर भी तुम जरा इत्मीनान से बैठ जाओ और फिर मुझे सारी बात बताओ. पहले तो तुम यह बताओ कि तुम कौन हो? तुम्हारा परिचय क्या है?’

तभी पास रखा टेलीफोन चीख उठा. उसकी चीख सुनकर लड़की चौंक पड़ी. उसने जल्दी-जल्दी अपने दो सुंदर कदम फोन की ओर बढ़ाए और फिर उसकी आंखें धुंधली होकर फैल गईं.

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(जेम्स हेडली चेईज़ की किताब मौत का सफर का यह अंश प्रकाशक जगरनॉट बुक्स की अनुमति से प्रकाशित)

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