एक्सप्लोरर

MCD बताए दिल्ली में अवैध निर्माणों के संबंध में क्या सर्वेक्षण और कार्रवाई की? तत्काल सुनवाई की मांग, SC ने किया इनकार

तत्काल सुनवाई का अनुरोध दिल्ली के सैद-उल-अजैब इलाके में अवैध तरीके से बनी पांच मंजिला इमारत के 30 मई को ढहने की घटना के बाद किया गया है, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी और 14 अन्य लोग घायल हो गए थे.

सुप्रीम कोर्ट ने एक एमिकस क्यूरी की ओर से दाखिल उस स्टेटस रिपोर्ट पर तत्काल सुनवाई करने से सोमवार (8 जून, 2026) को इनकार कर दिया जिसमें दिल्ली नगर निगम (MCD) को यह बताने वाला हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अवैध और अनधिकृत निर्माणों के संबंध में क्या सर्वेक्षण किया गया और क्या कार्रवाई की गई.

तत्काल हस्तक्षेप का यह अनुरोध दिल्ली के सैद-उल-अजैब इलाके में अवैध तरीके से निर्मित पांच मंजिला इमारत के 30 मई को ढहने की घटना के बाद किया गया है. इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम 14 अन्य लोग घायल हो गए थे. सीनियर एडवोकेट और एमिकस क्यूरी अजीत सिन्हा ने जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच से अनुरोध किया कि मामले को तत्काल सुनवाई और आदेश पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया जाए.

बेंच ने अपने आदेश में कहा, 'उल्लेख अस्वीकार किया जाता है. कोई आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है.' कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामले की आंशिक सुनवाई जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली एक अन्य बेंच कर चुकी है इसलिए उचित होगा कि वही पीठ इस मामले की सुनवाई करे. इससे पहले, कोर्ट के ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर कई निर्देश देने का अनुरोध किया था. इनमें दिल्ली नगर निगम को अवैध और अनधिकृत निर्माणों के संबंध में किए गए सर्वेक्षण और उनके खिलाफ कार्रवाई का विवरण देते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देने का अनुरोध भी शामिल था.

जस्टिस अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने 25 मार्च को तमिलनाडु से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान भवन निर्माण नियमों के व्यापक उल्लंघन और अनधिकृत निर्माणों को रोकने में नगर निकायों की कथित विफलता पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी. बेंच ने आवासीय संपत्तियों के दुरुपयोग और भूमि उपयोग में कथित अवैध बदलावों की देशव्यापी जांच के निर्देश दिए थे.

यह भी पढ़ें:- आवारा कुत्तों को लेकर SC के फैसले से खुश नहीं एनिमल एक्टिविस्ट, 13 जून को करेंगे विरोध प्रदर्शन

एडवोकेट अजीत कुमार सिन्हा ने अधिवक्ता गोविंद जी के माध्यम से चार जून को दायर की गई स्थिति रिपोर्ट में सैद-उल-अजैब में इमारत ढहने की घटना के मद्देनजर तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. अजीत सिन्हा ने कहा कि यह हादसा अवैध निर्माणों की व्यापक समस्या और नियामकीय विफलताओं को रेखांकित करता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सैद-उल-अजैब स्थित इस इमारत के खिलाफ अनधिकृत निर्माण को लेकर नगर निगम अधिकारियों ने कई बार मामला दर्ज किया था. रिपोर्ट में उद्धृत नगर निगम के अभिलेखों के अनुसार, पहली बार 2012 में उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था और बाद में अतिरिक्त मंजिलें बनाए जाने पर 2015 में भी उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था.

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इन कार्रवाइयों के बावजूद प्रभावी प्रवर्तन उपाय नहीं किए गए और निर्माण कार्य जारी रहा जिसके परिणामस्वरूप इमारत ढहने से कुछ समय पहले चौथी और पांचवीं मंजिल भी जोड़ बना दी गई. एमिकस क्यूरी ने दलील दी कि एमसीडी ने बार-बार उल्लंघन के संकेत मिलने के बावजूद परिसर को सील करने या आगे निर्माण रोकने जैसी समयबद्ध कार्रवाई नहीं करके अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन तथ्यों के मद्देनजर न्यायालय एमसीडी को निर्देश दे सकता है कि वह दिल्ली में अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत स्थित सभी संपत्तियों में अवैध एवं अनधिकृत निर्माणों तथा आवासीय परिसरों के अनधिकृत उपयोग से संबंधित मामलों पर किए गए सर्वेक्षण और कार्रवाई का विवरण देते हुए एक हलफनामा दाखिल करे. इसमें यह भी अनुरोध किया गया है कि एमसीडी को दिल्ली में उसके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट करने तथा अवैध ढांचों को निर्धारित समयसीमा में सील करने और ध्वस्त करने का निर्देश दिया जाए.

यह भी पढ़ें:- Monsoon Update: पीक पर पहुंचा मॉनसून, दिल्ली, यूपी-बिहार में कब होगी भयंकर बारिश, मौसम विभाग ने बता दी तारीख

रिपोर्ट में कहा गया है, 'एमसीडी को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जाए जिसमें यह बताया जाए कि नयी दिल्ली के सैद-उल-अजैब स्थित पश्चिमी मार्ग के प्लॉट संख्या-261 पर बनी पांच मंजिला अवैध इमारत का निर्माण कैसे जारी रहने दिया गया और इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई.'

स्टेटस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को हालिया इमारत ढहने की घटना पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाए (जिसमें नगर निगम अधिकारियों की कथित संलिप्तता का भी उल्लेख हो). रिपोर्ट में कहा गया है, 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार यह बताते हुए हलफनामा दाखिल करे कि मृतकों के परिजनों को किस प्रकार मुआवजा दिया जा सकता है...'

Input By : PTI
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

‘धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें...’, सोनम वांगचुक ने Video जारी कर बताया क्यों तोड़ा 26वें दिन अनशन
‘धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें...’, सोनम वांगचुक ने Video जारी कर बताया क्यों तोड़ा 26वें दिन अनशन
'थैंक्यू फ्रैंड्स', PM मोदी ने देर रात जारी Video में की यूथ के प्यार और समर्थन की तारीफ, जानें क्या कहा?
'थैंक्यू फ्रैंड्स', PM मोदी ने देर रात जारी Video में की यूथ के प्यार और समर्थन की तारीफ, जानें क्या कहा?
छात्र प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरे ओवैसी, कहा- केन्द्र सरकार उन्हें दबाए नहीं, बल्कि...
छात्र प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरे ओवैसी, कहा- केन्द्र सरकार उन्हें दबाए नहीं, बल्कि...
NTA ने निकाली 4 सीनियर जनरल मैनेजर पद पर भर्ती, 16 यंग प्रोफेशनल्स की होगी नियुक्ति
NTA ने निकाली 4 सीनियर जनरल मैनेजर पद पर भर्ती, 16 यंग प्रोफेशनल्स की होगी नियुक्ति
Advertisement

वीडियोज

Ishqnama Review: Shehnaaz Gill और Jai Randhhawa की दिल छू लेने वाली लव स्टोरी
The India Story Review: खाने और सेहत पर बड़ा सवाल उठाती Shreyas Talpade की फिल्म
Bollywood News: युवा सड़कों पर, स्टार्स अपने स्वैग में, ट्रोल्स बोले—
Udne ki Asha: Renuka को चौखट पर देख हक्के-बक्के रहे Sachin-Sailee, बीते दुखों की यादें ताजा
Badshah-Isha Rikhi के Viral Post ने बढ़ाई हलचल, क्या शादी में सब कुछ ठीक नहीं?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें...’, सोनम वांगचुक ने Video जारी कर बताया क्यों तोड़ा 26वें दिन अनशन
‘धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें...’, सोनम वांगचुक ने Video जारी कर बताया क्यों तोड़ा 26वें दिन अनशन
CJP की मांग पर रामदास अठावले का बड़ा बयान, 'धर्मेंद्र प्रधान अगर इस्तीफा भी दे देते हैं तो...'
CJP की मांग पर रामदास अठावले का बड़ा बयान, 'धर्मेंद्र प्रधान अगर इस्तीफा भी दे देते हैं तो...'
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा तो हुए ट्रोल, पत्नी गीतांजलि ने गुस्से में कहा- थोड़ी तो इंसानियत...
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा तो हुए ट्रोल, पत्नी गीतांजलि ने गुस्से में कहा- थोड़ी तो इंसानियत...
Friday BO Collection Updates: 50 करोड़ के पार 'जन नायकन', जानें 'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत सभी फिल्मों का हाल
50 करोड़ के पार 'जन नायकन', जानें 'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत सभी फिल्मों का हाल
कब तक टीम इंडिया के कोच रहेंगे गौतम गंभीर? BCCI के साथ कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ इतने महीने बाकी
कब तक टीम इंडिया के कोच रहेंगे गौतम गंभीर? BCCI के साथ कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ इतने महीने बाकी
Explained: AAP, कांग्रेस, बीजेपी या कोई और! CJP के राजनीति में आने से किसे सबसे ज्यादा खतरा?
AAP, कांग्रेस, बीजेपी या कोई और! CJP के राजनीति में आने से किसे ज्यादा खतरा?
‘इंस्टाग्राम पर रहें एक्टिव, रील्स बनाकर करें पोस्ट और...’, कैबिनेट बैठक में PM मोदी की मंत्रियों को सलाह
‘इंस्टाग्राम पर रहें एक्टिव, रील्स बनाकर करें पोस्ट और...’, कैबिनेट बैठक में PM मोदी की मंत्रियों को सलाह
पुलिस की बस, अंदर प्रदर्शनकारी और सामने फौलादी हौसलों के साथ खड़ी लड़की…, कौन है चर्चा में आयी ये ग्रे हुडी गर्ल
पुलिस की बस, अंदर प्रदर्शनकारी और सामने फौलादी हौसलों के साथ खड़ी लड़की…, कौन है ये ग्रे हुडी गर्ल
Embed widget