'मां नहीं चाहती थीं पायलट बनूं', जब स्मित माछर ने बताया परिवार का सबसे बड़ा डर
भारतीय पायलट स्मित माछर ने एक बार अपने पायलट बनने को लेकर किस्सा सुनाया था. उन्होंने कहा था कि पायलट बनने की ख्वाहिश को लेकर उनकी मां क्यों डर गई थीं.

भारतीय पायलट स्मित माछर दुनिया के लिए हीरो बन गए हैं. उन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर 174 यात्रियों की जान बचाई. फ्लाई दुबई के पायलट स्मित माछर का एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने परिवार और एविएशन को लेकर बात करते नजर आ रहे हैं. माछर ने बताया था कि उनकी मां नहीं चाहती थीं कि वे पायलट बनें. उन्होंने कहा कि परिवार के लिए जहाज उड़ाना सबसे बड़ा डर था. उन्होंने इसका कारण भी बताया.
स्मित माछर ने 'झलक मेहता' के पॉडकास्ट में कहा था, 'जब मैंने मां को बताया कि मुझे पायलट बनना है और एविएशन सेक्टर में जाना है, तब वे काफी ज्यादा डर गई थीं. यह सेक्टर 15-17 साल पहले पूरी तरह अलग था. आपने बहुत कम सुना होगा कि लोग पायलट बनना चाहते थे. इसी वजह से मां और ज्यादा डर गईं. दूसरी बात कि उन्हें विमान उड़ाने के नाम से डर लगता था.'
फैमिली बिजनेस जॉइन करने वाले थे स्मित माछर
माछर ने बताया कि वे परिवार के ही बिजनेस को जॉइन करने वाले थे, लेकिन फिर प्लान बदल गया. उन्होंने कहा, 'मैं परिवार की मदद करना चाहता था. मैं काफी यंग था, इसी वजह से और पढ़ाई करना चाहता था. मुझे परिवार के बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए मैनेजमेंट की पढ़ाई करनी थी.' माछर ने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की.
माछर की दुनियाभर में हो रही तारीफ
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की है. उन्हें सच्चा हीरो बताया गया है. पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें माछर पर गर्व है. वहीं ट्रंप और नेतन्याहू ने भी माछर को बहादुर कहा है. इनके अलावा दुनिया के कई दिग्गज भारतीय कैप्टन की तारीफ कर रहे हैं.
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