कर्नाटक कांग्रेस में कलह: मंत्री नहीं बनाए जाने से कई MLA नाराज, हाईकमान की उड़ी नींद
कांग्रेस विधायक कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार से नाखुश हैं और वह 11 जून को बैठक करेंगे. नाराज विधायकों का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एमबी पाटिल कर रहे हैं.

नई दिल्ली/बेंगलूरू: कर्नाटक में लंबी खींचतान के बाद मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया. मुख्यमंत्री ने अहम वित्त विभाग अपने पास रखा है जबकि गृह विभाग उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर को दिया है. परमेश्वर कांग्रेस के नेता हैं. कुमारस्वामी ने ऊर्जा विभाग भी अपने पास रखा है. इस विभाग को लेकर दोनों दलों कांग्रेस और जेडीएस के बीच विवाद था. विभागों के बंटवारे के साथ भले ही कांग्रेस-जेडीएस की सत्ता भागीदारी में वर्चस्व की लड़ाई खत्म हो गई हो. लेकिन कांग्रेस में नए सिरे से विवाद शुरू हो गया है.
कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एमबी पाटिल ने मंत्री नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जताई है. वे बगावत के मूड में हैं. पाटिल के साथ रामलिंगा रेड्डी जैसे कई अन्य कांग्रेस विधायक हैं जो खुद को मंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे हैं. रामलिंगा रेड्डी के समर्थकों ने आज बेंगलूरू में टाउन हॉल के बाहर प्रदर्शन किया और उनके मंत्री बनाए जाने की मांग की.
#Karnataka: Supporters of #Congress' Ramalinga Reddy protest outside Bengaluru's Town Hall demanding ministerial berth for him in the state cabinet. pic.twitter.com/w83J3TwdzW
— ANI (@ANI) June 9, 2018
पाटिल को मनाएगी कांग्रेस एमबी पाटिल फिलहाल दिल्ली में हैं. कांग्रेस उन्हें मनाने में जुटी है. खबर है कि पाटिल की आज जी परमेश्वर, दिनेश गुंडु राव, केसी वेनुगोपाल, गुलाम नबी आजाद से मुलाकात होगी. इससे पहले राज्य कांग्रेस के नेताओं ने भी समझाने की कोशिश की लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी.
पाटिल के साथ हैं 15-20 विधायक? पाटिल ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी से मुलाकात की थी. एम बी पाटिल ने कुमारस्वामी के उनके यहां आने को ‘शिष्टाचार भेंट’ करार दिया और कहा कि यह कांग्रेस का अंदरुनी मामला है एवं कुमारस्वामी का उससे कोई लेना-देना नहीं है. कुमारस्वामी ने बताया कि पाटिल ने उनसे कहा कि वह अकेले नहीं हैं, उनके साथ 15-20 विधायक हैं, सभी मिलकर निर्णय करेंगे.
कैबिनेट में जिन्हें जगह नहीं मिली कांग्रेस पार्टी ने गठबंधन सरकार में एम बी पाटिल, दिनेश गुंडु राव, रामलिंगा रेड्डी, आर रौशन बेग, एच के पाटिल, तनवीर सैत, शामानूर शिवशंकरप्पांड और सतीश जारखिहोली समेत पिछली सिद्धरमैया कैबिनेट के कई अहम सदस्यों को नयी गठबंधन सरकार में जगह नहीं दी है.
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एम टी बी नागराज, सतीश जारकिहोली, सुधाकर और रोशन बेग समेत असंतुष्ट नेताओं के एक समूह ने गुरुवार को पाटिल के निवास पर बैठक की थी. पार्टी सूत्रों के अनुसार पिछले तीन दिनों ऐसी कई बैठकें हो चुकी हैं जिसमें पूर्व मंत्री एच के पाटिल भी शामिल हुए.
कांग्रेस सचिव जारकिहोली ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस सचिव पद से इस्तीफा देने पर विचार कर रहा हूं क्योंकि इस पद के बावजूद मैं मंत्री नहीं बन पाया और न ही अन्य के लिए मंत्रिमंडल जगह सुनिश्चित कर पाया.’’ उन्होंने कहा कि वह और अन्य कांग्रेस विधायक कैबिनेट विस्तार से नाखुश हैं और 11 जून को बैठक करेंगे. कांग्रेस में कलह पर बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस और उसकी बी टीम के कर्नाटक के मंत्री के तौर पर शपथ लेने के 48 घंटे बाद भी हमें काम करती सरकार नजर नहीं आ रही है.
कुमारस्वामी ने 23 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 25 मई को विधानसभा में उन्होंने बहुमत साबित किया था. इससे पहले राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया था. लेकिन बहुमत से दूर होता देख येदुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया था. राज्यपाल के फैसले पर काफी विवाद हुआ था.
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Source: IOCL
























